March 3, 2026

Bastar News Update: 108 एंबुलेंस सेवा बदहाल, फागुन मेले में 839 गुल्लक फूटीं; रेलवे कार्य से जल संकट गहराया

108 एंबुलेंस सेवा खुद बीमार

जगदलपुर। बस्तर जिले में जीवन रक्षक मानी जाने वाली 108 Ambulance Service की स्थिति चिंताजनक हो गई है। जिले में संचालित 6 एंबुलेंस में से केवल 2 ही किसी तरह चल रही हैं, जबकि 4 वाहन बार-बार खराब होकर रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती। रिस्पॉन्स टाइम 1 घंटे से बढ़कर 2.5 से 3 घंटे तक पहुंच गया है। कई वाहनों में ऑक्सीजन सपोर्ट, टायर और इंजन तक जर्जर हालत में हैं।

निजी कंपनी के जिम्मे संचालित सेवा पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नए वाहनों की मांग भेजी है, लेकिन जमीनी सुधार अभी दूर नजर आ रहा है।


फागुन मेले में आस्था का संगम

दंतेवाड़ा। फागुन मेले में आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। 22 फरवरी से शुरू इस आयोजन में अब तक 839 गुल्लक फोड़ी जा चुकी हैं। एक हजार गुल्लक फोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

गांव-गांव से लाई गई गुल्लकों में सालभर की श्रद्धा और चढ़ावा जमा रहता है, जिसे मेले में माता को अर्पित किया जाता है। हजारों ग्रामीण इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन में शामिल हो रहे हैं।


रेलवे दोहरीकरण से जल संकट

दंतेवाड़ा। रेलवे दोहरीकरण कार्य के तहत भांसी क्षेत्र में ब्रिज निर्माण के दौरान नाले की खुदाई से जल स्रोत दूषित हो गया है।

नाले का साफ पानी मटमैला और लाल हो गया, जिससे तीन गांवों में पीने और सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना कार्य किया गया। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।


राशन दुकानों पर सख्त कार्रवाई

जगदलपुर। सरकारी राशन वितरण में अनियमितता पाए जाने पर खाद्य विभाग ने 6 राशन दुकानदारों को निलंबित कर दिया है।

जांच में राशन शॉर्टेज की पुष्टि हुई। पिछले वर्ष 66 दुकानों में कमी पाई गई थी। प्रशासन ने हर ब्लॉक में एसडीएम को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी है।

हॉस्टल और छात्रावासों में चावल आपूर्ति में देरी से विभागीय लापरवाही भी उजागर हुई है।


हेलीपेड निर्माण को लेकर विवाद

बड़े बचेली। हाईस्कूल मैदान में प्रस्तावित हेलीपेड निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना निर्माण किया जा रहा है और इससे बच्चों का खेल मैदान समाप्त हो जाएगा।

प्रशासन ने इसे प्रशासनिक आवश्यकता बताया, लेकिन ग्रामीणों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप लगाया। सरपंच ने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।