March 4, 2026

Bastar News Update: खनिज संपदा पर सवाल, अयस्क तस्करी, टेलिंग्स विवाद, यूरेनियम आशंका और अबूझमाड़ मैराथन की तैयारी

बस्तर। बस्तर की धरती खनिजों से भरपूर है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, डोलोमाइट, ग्रेफाइट, संगमरमर, सोना सहित 20 से अधिक खनिजों से समृद्ध होने के बावजूद बस्तर विकास की दौड़ में पिछड़ा नजर आता है। अधिकांश खनिज संपदा आज भी जमीन के नीचे दबी है।

बैलाडीला और रावघाट का लौह अयस्क विश्वस्तरीय गुणवत्ता का है। अब नगरनार में अयस्क गलने से रोजगार की उम्मीद जगी है और 200 से अधिक सहायक उद्योगों की संभावना जताई जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा या फिर संसाधन बाहर ही जाते रहेंगे। बस्तर आज भी “अमीर धरती, गरीब लोग” की पहचान से जूझ रहा है।


🚛 अयस्क तस्करी बनाम निगरानी व्यवस्था

दंतेवाड़ा। किरंदुल–बचेली मार्ग पर ओवरलोड लौह अयस्क परिवहन का मामला सामने आया। शिकायत के बाद खनिज विभाग ने चार ट्रकों को रोका। जांच में सिर्फ एक ट्रक में तीन टन ओवरलोड पाया गया, जबकि बाकी को मानक अनुरूप बताकर छोड़ दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सभी ट्रक ओवरलोड थे। ऐसे में कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोजाना सैकड़ों ट्रक अयस्क लेकर बाहर जाते हैं, लेकिन निगरानी तंत्र की पारदर्शिता पर फिर बहस शुरू हो गई है।


🌊 नदी किनारे फिर टेलिंग्स डंपिंग की तैयारी

सुकमा। बैलाडीला टेलिंग्स डंपिंग को लेकर फिर हलचल तेज हो गई है। पिछले साल विरोध के बाद बंद किया गया स्थल दोबारा सक्रिय नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने पोकलेन और हाइवा मशीनों की मौजूदगी देखी है।

डंपिंग स्थल शबरी नदी से मात्र 150 मीटर दूर है, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है। आसपास खेती योग्य जमीन भी है, जिससे मिट्टी और पानी प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। नगर पालिका की अनुमति और पर्यावरण स्वीकृति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी चिंता बढ़ा रही है।


⚠️ यूरेनियम और टिन तस्करी की परछाईं

दंतेवाड़ा। कटेकल्याण, तोंगपाल और पखनार क्षेत्र खनिज दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। यहां टिन और लेपिडोलाइट का बड़ा भंडार है। सूत्रों के मुताबिक टिन से प्राप्त यूरेनियम की तस्करी लंबे समय से हो रही है।

बताया जा रहा है कि सामग्री हैदराबाद के रास्ते बाहर भेजी जाती है। तोंगपाल क्षेत्र में लिथियम की खोज से चिंता और बढ़ गई है। लिथियम आधुनिक तकनीक की रीढ़ है, लेकिन सुरक्षा और नियंत्रण की स्पष्ट नीति नहीं दिखती। यह मामला राष्ट्रीय महत्व का होते हुए भी ठोस कार्रवाई से दूर नजर आ रहा है।


🏥 फाइलेरिया उन्मूलन की जमीनी तैयारी

जगदलपुर। बकावंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

बताया गया कि यह बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है और लक्षण वर्षों बाद सामने आते हैं। सामूहिक दवा सेवन सबसे प्रभावी उपाय है। गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को दवा नहीं दी जाएगी।

📅 10 से 25 फरवरी तक घर-घर अभियान चलेगा।
सीएचओ और मितानिनों को अहम भूमिका दी गई है। लक्ष्य है—फाइलेरिया मुक्त बस्तर।


🕵️‍♂️ एनएमडीसी सुरक्षा घोटाले की परतें

दंतेवाड़ा। एनएमडीसी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा घोटाला सामने आया है। निजी सुरक्षा कंपनी के कर्मचारियों ने तीन साल तक वेतन में हेराफेरी की। करीब 30 से अधिक फर्जी नामों से लाखों रुपए निकाले गए।

गार्डों ने गबन की बात स्वीकार की, इसके बावजूद सिर्फ नौकरी से हटाने की कार्रवाई हुई और एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अब कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था खाली पड़ी है। प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


🏃‍♂️ शांति का संदेश देती अबूझमाड़ मैराथन

नारायणपुर। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 31 जनवरी को आयोजित होगी। नारायणपुर से बासिंग तक दौड़ कराई जाएगी। मुख्यमंत्री विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे।

  • 21 किमी की विभिन्न श्रेणियां
  • 16 स्वागत प्वाइंट
  • बाहरी प्रतिभागियों के लिए विशेष व्यवस्था
  • स्थानीय धावकों के लिए निःशुल्क पंजीयन

कार्यक्रम को शांति और एकता का प्रतीक बताया जा रहा है।


❤️ खाकी और समाज ने मिलकर बचाईं ज़िंदगियां

बस्तर। महारानी अस्पताल में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर पहल की।

  • 39 यूनिट रक्त संग्रह
  • अधिकारियों और युवाओं की भागीदारी
  • सड़क सुरक्षा का संदेश

रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसपी ने नियमित रक्तदान की अपील की। शिविर ने बस्तर में सेवा और सुरक्षा का मजबूत संदेश दिया।