January 16, 2026

Bastar News Update | बस्तर की प्रमुख खबरें

बूचड़खानों की मांग से मवेशी महंगे, किसान दोहरी मार में

बस्तर के पशु बाजारों में मवेशियों की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। बैल और भैंस की एक जोड़ी अब एक लाख रुपये तक पहुंच गई है। आंध्रप्रदेश के बूचड़खानों के लिए सप्लाई दोबारा शुरू होने से दाम बढ़े हैं। पामेला, लोहंडीगुड़ा और गीदम बाजारों में पहले 50 हजार में मिलने वाली जोड़ी अब दोगुने दाम पर बिक रही है। इससे पशुपालकों को फायदा, लेकिन किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

चित्रकोट जलप्रपात में श्रमदान से बदली तस्वीर

पर्यटकों की भारी भीड़ के बाद चित्रकोट जलप्रपात परिसर में गंदगी फैल गई थी। स्थिति बिगड़ने पर ग्राम पंचायत सक्रिय हुई। सरपंच भंवर मौर्य के नेतृत्व में ग्रामीणों ने श्रमदान कर परिसर की सफाई की। नाका विवाद के बाद ठप पड़ी सफाई व्यवस्था अब नियमित श्रमदान से सुधर रही है। ग्रामीणों ने इसे बस्तर की छवि से जोड़ा है।

सुपोषण पर असर, बच्चों की थाली से रोटी भी गायब

बस्तर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार लगातार घटाया जा रहा है। दूध, केला, अंडा और गुड़ के बाद अब फोर्टिफाइड आटा की आपूर्ति भी बंद कर दी गई है। तीन से छह साल के बच्चों को अब रोटी नहीं मिल रही। जिले के करीब 2 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में 85 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें 19 हजार कुपोषित हैं। 50 हजार से अधिक बच्चे सीधे प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञ इसे पोषण अभियान के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।

धान टोकन संकट से नाराज किसान, आंदोलन की चेतावनी

बीजापुर के भैरमगढ़ ब्लॉक में धान खरीदी के लिए टोकन नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। सर्व आदिवासी समाज ने विरोध जताते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कई किसानों का धान खुले में पड़ा है, जिससे खराब होने का खतरा बढ़ गया है। समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

जर्जर सरकारी आवास, कर्मचारियों की जान जोखिम में

जगदलपुर में 400 से अधिक सरकारी आवास जर्जर हालत में हैं। कई को विभाग ने एक्सपायरी घोषित कर दिया है, फिर भी कर्मचारी इन्हीं में रहने को मजबूर हैं। मरम्मत के लिए अपर्याप्त बजट और अनाधिकृत कब्जों से समस्या और गंभीर हो गई है। कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

नियम तोड़ने पर 173 CSC आईडी रद्द

बस्तर जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 173 कॉमन सर्विस सेंटर आईडी निरस्त कर दी हैं। जांच में स्थायी पते की कमी, फर्जी संचालन और नियमों के उल्लंघन सामने आए। अब सीएससी संचालन के लिए पुलिस सत्यापन और तय मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।

खराब चावल बना सियासी मुद्दा, जांच तेज

दंतेवाड़ा के गीदम वेयरहाउस में रखे चावल की गुणवत्ता को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी जांच की। नमी और खराब क्वालिटी को लेकर सवाल उठे हैं। पीडीएस वितरण पर आपत्ति जताई गई है। दोबारा गुणवत्ता जांच की तैयारी है।

अज्ञात बीमारी से मौत, गांव में स्वास्थ्य अलर्ट

सुकमा जिले के दुब्बामरका गांव में युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। मेडिकल टीम ने गांव में कैंप लगाकर जांच की। छह ग्रामीणों में सूजन और कमजोरी के लक्षण मिले हैं। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन सतर्क निगरानी कर रहा है।