जगदलपुर। बस्तर क्षेत्र में सुधारात्मक व्यवस्था, सुरक्षा अभियान और प्रशासनिक सख्ती से जुड़े कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। केंद्रीय जेल को अंतरराष्ट्रीय मानक का प्रमाणन मिलने से लेकर सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई और शिक्षा विभाग की सख्ती तक, पूरे क्षेत्र में अलग-अलग स्तर पर महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की गईं।
जगदलपुर स्थित Jagdalpur केंद्रीय जेल को आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणन जेल की सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और प्रबंधन प्रणाली के आधार पर दिया गया। मूल्यांकन में जेल की सुधारात्मक गतिविधियों, बंदियों के कौशल विकास और शिक्षा कार्यक्रमों को विशेष रूप से सराहा गया। प्रशासन का कहना है कि यह उपलब्धि जेल को सुधार और पुनर्वास के मॉडल के रूप में स्थापित करती है।
इसी बीच बस्तर क्षेत्र में बस किराया बढ़ोतरी को लेकर विवाद भी सामने आया है। रायपुर–जगदलपुर मार्ग सहित कई रूटों पर निजी बस संचालकों द्वारा बिना सरकारी मंजूरी किराया बढ़ाए जाने से यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। बैलाडीला, किरंदुल, सुकमा और बीजापुर रूटों पर सबसे अधिक असर देखा जा रहा है, जिससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ी है।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेशोत्सव और नए शैक्षणिक सत्र के दौरान सख्ती भी देखने को मिली है। औचक निरीक्षण में लापरवाही पाए जाने पर बस्तर जिले के आठ शिक्षकों और संकुल समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। समय पर जवाब नहीं देने पर वेतन कटौती की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने स्कूलों में उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज और स्वच्छ व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा मोर्चे पर सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। मसपुर-गुडरापाल क्षेत्र के जंगलों में सर्च अभियान के दौरान हथियारों का बड़ा डंप बरामद किया गया। इसमें बीजीएल लॉन्चर, राइफल और बड़ी मात्रा में कारतूस शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में इसे नक्सलियों का पुराना छिपाया गया जखीरा माना जा रहा है। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सर्च अभियान और तेज कर दिया है।
वहीं सुकमा प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्ट्रेट के पीछे विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। राजस्व और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति निर्माण और भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर सुकमा में पत्रकारों ने प्रदर्शन किया। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने एकजुट होकर जिला मुख्यालय में धरना दिया और ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए कानूनी सुरक्षा जरूरी है, और इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए।
पूरे बस्तर संभाग में इस समय एक तरफ विकास और सुधारात्मक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा, परिवहन और प्रशासनिक सख्ती से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं।





