March 4, 2026

Bastar News Update: दंतेवाड़ा में 1400 क्विंटल चावल रिजेक्ट, सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल का लाइसेंस संकट में, ब्लड बैंक खाली

बस्तर/दंतेवाड़ा। बस्तर संभाग में प्रशासनिक सख्ती, स्वास्थ्य व्यवस्था और जनसुविधाओं से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। दंतेवाड़ा के गीदम वेयरहाउस में 33 हजार क्विंटल चावल सड़ने के मामले के बाद प्रशासन ने अब चावल की गुणवत्ता पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया है। वहीं जगदलपुर के 200 करोड़ रुपये के सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल पर दस्तावेजों की कमी को लेकर लाइसेंस रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर मेकाज ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी से मरीजों को डोनर खोजने मजबूरी बन गई है।


गीदम वेयरहाउस के बाद सख्ती, 1400 क्विंटल चावल रिजेक्ट

गीदम वेयरहाउस में 33 हजार क्विंटल चावल खराब होने के बाद कलेक्टर टी.के. यदु के निर्देश पर लोकल राइस मिलर्स के 5 लॉट, करीब 1400 क्विंटल चावल को गुणवत्ता जांच में रिजेक्ट कर दिया गया। जांच में चावल में 50 प्रतिशत तक टूटे दाने पाए गए जो एफएक्यू मानकों पर खरे नहीं उतरे।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। वेयरहाउस में अब भी 113 लॉट खराब चावल पड़ा है। नियम के अनुसार पहले साफ चावल जमा करना होगा, तभी खराब चावल उठाया जाएगा। समयसीमा पूरी नहीं होने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है। इसका असर पीडीएस सप्लाई पर भी दिखने लगा है और जिले में चावल का स्टॉक तेजी से घट रहा है।


200 करोड़ का सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल, लाइसेंस पर संकट

जगदलपुर में बने सरकारी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल का संचालन अब सवालों में घिर गया है। हैदराबाद के कॉन्टिनेंटल अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य विभाग ने 15 दिन में जरूरी दस्तावेज देने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय के बाद भी डॉक्टरों की सूची, आईसीयू, ओटी मानक, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और इमरजेंसी प्रोटोकॉल से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

निरीक्षण में कई गंभीर खामियां मिली हैं। डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, जो छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। मामला कलेक्टर आकाश छिकारा के संज्ञान में है और स्वास्थ्य विभाग अब लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। यह मामला सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा है।


मेकाज ब्लड बैंक में संकट, बी-पॉजिटिव भी नहीं

डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ब्लड बैंक में इन दिनों गंभीर संकट बना हुआ है। स्वैच्छिक रक्तदाताओं की कमी से स्टॉक न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि बी-पॉजिटिव जैसे सामान्य ब्लड ग्रुप भी उपलब्ध नहीं हैं।

ब्लड बैंक में सिर्फ 40 से 45 यूनिट रक्त बचा है जबकि रोजाना 18 से 20 यूनिट की जरूरत होती है। अस्पताल शहर से दूर होने के कारण डोनर्स की संख्या घटी है। परिजनों को ‘डोनर लाओ, खून पाओ’ व्यवस्था अपनानी पड़ रही है। अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू ने युवाओं से आगे आकर रक्तदान करने की अपील की है।


वजन त्यौहार से कुपोषण पर वार

बस्तर जिले में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के तहत 9 से 18 फरवरी तक वजन त्यौहार चल रहा है। इसमें शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरियों की जांच की जा रही है।

करीब 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों में 85 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 19 हजार बच्चे अब भी कुपोषित पाए गए हैं। बीएमआई और एनीमिया जांच पर खास फोकस है। पालकों को पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।


मिड-डे मील के बाद 24 बच्चे बीमार

तोकापाल क्षेत्र के अरंडवाल प्राथमिक शाला में मध्याह्न भोजन के बाद 24 बच्चे अस्वस्थ हो गए। पत्ता गोभी की सब्जी खाने के बाद एल्बेंडाजोल और फाइलेरिया की गोली दी गई थी।

सूचना पर स्वास्थ्य टीम मौके पर पहुंची। 10 बालक और 14 बालिकाएं प्रभावित हुईं। एक छात्रा को निगरानी में भर्ती किया गया, बाकी सभी की हालत सामान्य है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।


फाइलेरिया उन्मूलन अभियान तेज

बकावंड ब्लॉक में 10 से 25 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चल रहा है। पहले चरण में स्कूलों और आंगनबाड़ी में दवा दी जा रही है। 13 से 22 फरवरी तक घर-घर जाकर दवा सेवन कराया जाएगा और 23 से 25 फरवरी तक मॉपअप राउंड होगा।


तेज साइलेंसर पर कार्रवाई

किरंदुल नगर में तेज आवाज वाले कस्टमाइज्ड साइलेंसर लगे पांच बुलेट बाइक पकड़ी गईं। प्रत्येक पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाकर कुल 25 हजार का चालान किया गया और मौके पर साइलेंसर हटवाए गए।


बस कंडक्टर बने फर्स्ट रिस्पॉन्डर

दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में 35 बस कंडक्टरों को सीपीआर, ब्लीडिंग कंट्रोल, फ्रैक्चर और जलने के मामलों में प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया ताकि दुर्घटना में समय रहते जान बचाई जा सके।


रेल विस्तार, इंटरसिटी वापसी की उम्मीद

जगदलपुर स्टेशन अमृत भारत योजना के तहत विकसित हो रहा है। किरंदुल–कोरापुट दोहरीकरण दिसंबर तक पूरा होगा। 6 साल से बंद दुर्ग–जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के परीक्षण की तैयारी चल रही है। प्लेटफॉर्म, एफओबी और स्टेशन भवन मार्च तक चालू होने की संभावना है।