March 5, 2026

Bastar News Update: पर्यावरण, संस्कृति और प्रशासन की प्रमुख खबरें

बस्तर, 4 फरवरी 2026: कांगेर वैली नेशनल पार्क की प्रसिद्ध ग्रीन केव्स को लेकर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले निर्माण पर रोक लगाने वाली याचिका को अदालत ने स्वीकार किया है। खंडपीठ ने नेशनल पार्क निदेशक को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये गुफाएं करोड़ों वर्षों में विकसित हुई संरचनाएं हैं, जिनमें स्टेग्लेक्टाइट और स्टेग्लेमाइट जैसे प्राकृतिक गठन बेहद धीमी प्रक्रिया से बनते हैं। मानव स्पर्श और रोशनी से इनकी चमक और संरचना प्रभावित हो सकती है। ग्रीन केव्स की खासियत यह है कि यहां प्राकृतिक सूर्य का प्रकाश पहुंचता है और दुर्लभ सूक्ष्मजीव और शैवाल विकसित हुए हैं। पर्यटन गतिविधियों से नमी, कंपन और तापमान में बदलाव का खतरा है। अदालत ने अगली सुनवाई 18 फरवरी के लिए तय की और तब तक आम लोगों की आवाजाही सीमित रखने के निर्देश दिए। संकेत साफ है कि पर्यटन से पहले संरक्षण प्राथमिकता होगी।

सुकमा में माघ पूर्णिमा के दूसरे मंगलवार को रामाराम मेला आस्था और आदिवासी परंपराओं का महासंगम बना। रामाराम क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया और चार राज्यों से देवी-देवताओं के सेवक और भक्त यहां पहुंचे। मेला स्थल पर सैकड़ों देवी-देवताओं की परंपरागत पूजा-अर्चना हुई। नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि पूरे अंचल में गूंज उठी। मांझी-चालकी समाज के लोग आपस में गले मिले। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास काल में यहां समय बिताया था और माता चिटमटिन से जुड़ी कथाएं आज भी जीवित हैं। पत्थर पर उकेरी गई पूजा थाल श्रद्धा का प्रतीक बनी हुई है। यह मेला न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

लोक संस्कृति के महापर्व बस्तर पंडुम को लेकर जगदलपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से पहले लालबाग मैदान में मुख्य आयोजन स्थल तैयार किया गया है। शहर में पार्किंग और यातायात को श्रेणियों में बांटा गया है और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। देर से आने वालों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। मुख्य मंच के पास केवल पासधारी वाहनों को अनुमति होगी। प्रशासन ने जीरो एरर नीति अपनाने की बात कही और सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी ढील की अनुमति नहीं दी।

शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रशासन सख्त हुआ है। कारली स्थित निर्मल निकेतन स्कूल पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य और प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है। शिकायत में यह सामने आया कि शिक्षकों की नियुक्ति मानकों के अनुरूप नहीं है और पालकों के साथ व्यवहार में गंभीर खामियां हैं। विद्यालय की मान्यता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत दिया गया है। कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण व्यवस्था अनिवार्य की गई है और जिला स्तरीय टीम फिर से निरीक्षण करेगी।

जमीन विवाद में बस्तर जिले के एक परिवार की जान चली गई। अदालत ने पिता और उसके दो बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 16 सितंबर 2024 की रात हुई हिंसा में आरोपियों ने मृतक पर लोहे की टंगिया से जानलेवा वार किया। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। अदालत ने सभी साक्ष्यों को निर्णायक माना और दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया।

रेल कनेक्टिविटी का सपना अब भी अधूरा है। दल्ली राजहरा–जगदलपुर रेल लाइन के लिए 3100 करोड़ की स्वीकृति के बाद भी भू-अर्जन और मुआवजा विवाद के कारण कार्य ठप है। 140 किलोमीटर लंबी लाइन के सर्वे कार्य में देरी और ठेकेदारों की सुस्ती से जनता में नाराजगी है। दिसंबर 2025 तक ट्रेन चलाने का दावा पूरा नहीं हुआ और लोगों को नए आश्वासनों पर भरोसा नहीं रहा।

कोंडागांव में मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और 13 लाख रुपये मूल्य की बैटरियां जब्त कीं। तकनीकी जांच में जियो कंपनी के एक टेक्नीशियन की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ में कई चोरी की घटनाएं कबूल की गईं। पुलिस ने वाहन और नकद राशि भी जब्त की। इस कार्रवाई ने टेलीकॉम सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।

बस्तर में आत्मसमर्पित माओवादियों की जिंदगी बदल रही है। ‘नुवा बाट’ योजना के तहत 28 पूर्व माओवादी विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं। कलेक्टर ने प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया और युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी। कारपेंट्री, मैकेनिक और निर्माण जैसे ट्रेड में प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशासन ने आवास, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था की समीक्षा की। इसका उद्देश्य केवल रोजगार नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को प्रोत्साहन मिल रहा है और यह पहल बस्तर में पुनर्वास की नई मिसाल बन रही है।