आईपीएल में छाया बस्तर का स्वाद, खिलाड़ियों ने की तारीफ
दंतेवाड़ा। बस्तर की पारंपरिक खाद्य संस्कृति अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। रायपुर में आयोजित आईपीएल मुकाबलों के दौरान दंतेवाड़ा की चंदा दीदी ने महुआ लड्डू, कोदो-कुटकी, बाजरे के व्यंजन और चापड़ा चटनी से क्रिकेट खिलाड़ियों को प्रभावित किया। विराट कोहली और रजत पाटीदार समेत कई खिलाड़ियों ने इन व्यंजनों की जमकर सराहना की। चंदा दीदी पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी महुआ लड्डू का स्वाद चखा चुकी हैं। ‘बिहान’ योजना से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अब अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
पैसेंजर ट्रेन बंद होने से यात्रियों में नाराजगी
दंतेवाड़ा। विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर ट्रेन 16 दिनों तक बंद रहने से दक्षिण बस्तर के लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। रेलवे ने दोहरीकरण कार्य का हवाला देते हुए 15 से 31 मई तक ट्रेन को केवल दंतेवाड़ा तक संचालित करने का फैसला लिया है। बचेली, किरंदुल और भांसी के यात्रियों को अब महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि रेलवे यात्री सुविधा की जगह मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है।
साल वनों की कटाई से बढ़ी चिंता
बस्तर। कभी साल वनों के लिए प्रसिद्ध बस्तर में अब लगातार पेड़ों की कटाई से पर्यावरणीय संकट गहराता जा रहा है। वन अधिकार पट्टा और कूप कटाई के कारण हर दो साल में हजारों साल वृक्ष काटे जा रहे हैं। वहीं पौधारोपण में साल वृक्षों की हिस्सेदारी बेहद कम बताई जा रही है। विशेषज्ञों ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए साल अनुसंधान केंद्र की 31 साल पुरानी मांग जल्द पूरी करने की जरूरत बताई है।
छिंद फल बना ग्रामीणों के लिए आय का जरिया
बस्तर। जंगलों में मिलने वाला छिंद फल अब ‘सुपरफूड’ के रूप में पहचान बना रहा है। पोषक तत्वों से भरपूर इस फल से पाम गुड़ तैयार किया जाता है, जिसे चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका उपयोग पारंपरिक औषधि के रूप में भी किया जाता है। छिंद से जुड़े उत्पाद अब स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय का नया साधन बन रहे हैं।
लोक अदालत में 4617 मामलों का हुआ निराकरण
दंतेवाड़ा। नेशनल लोक अदालत के दौरान दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बचेली में कुल 4684 मामलों में से 4617 मामलों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया। इस दौरान 1 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक का एवार्ड पारित हुआ। घरेलू मामलों में समझौते के बाद दंपतियों को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
रहवासी गलियों में ट्रकों की पार्किंग से बढ़ा खतरा
बचेली। मुख्य मार्गों पर सख्ती के बाद भारी वाहन अब रहवासी इलाकों की गलियों में खड़े किए जा रहे हैं। सरस्वती स्कूल और अस्पताल चौक के आसपास ट्रकों की अवैध पार्किंग से जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने अवैध पार्किंग पर चालान और कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।





