बस्तर। बस्तर संभाग में शांति, विकास, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आई हैं। कहीं पूर्व नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी शुरू की तो कहीं जल संकट, मजदूर आंदोलन और रेल परियोजनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पढ़िए बस्तर की बड़ी खबरें एक नजर में—
इनामी नक्सली दंपती बने पुनर्वास की मिसाल
सुकमा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पूर्व नक्सली दंपती कलमु मंगडू और माडवी बुधरी ने विवाह कर नया जीवन शुरू किया। दोनों पर कभी शासन ने 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास नीति से जुड़कर उन्होंने हिंसा छोड़ समाज में लौटने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कुल 107 जोड़ों का विवाह कराया गया।
भूमकाल की ज्वाला अब शिक्षा की रोशनी
नारायणपुर के शासकीय महिला महाविद्यालय का नामकरण वीरांगना रमोतीन माड़िया के नाम पर किया गया है। कॉलेज परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। 1910-11 के भूमकाल विद्रोह में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ नेतृत्व किया था। अब उनका नाम छात्राओं के लिए प्रेरणा बनेगा।
गर्मी से पहले जगदलपुर में जल संकट
जगदलपुर में जल स्रोतों का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। निगम के 48 वार्डों में मांग बढ़ गई है। फिलहाल 18 टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है। कई इलाकों में जलस्तर 200 फीट तक नीचे चला गया है। निचली बस्तियों में संकट सबसे ज्यादा है।
जगदलपुर स्टेशन पर डबल लाइन का निरीक्षण
जरती–मनाबार सेक्शन में बनी दूसरी रेल लाइन का डीआरएम और रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने निरीक्षण किया। यह कोत्तवलसा–किरंदुल डबलिंग प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इससे माल परिवहन और यात्री सुविधा दोनों बढ़ेंगी।
आमदई माइंस ठप, मजदूर आंदोलन जारी
नारायणपुर के आमदई माइंस में मजदूरों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी है। 400 से अधिक मजदूर मानदेय वृद्धि की मांग पर धरने पर बैठे हैं। माइनिंग और लौह अयस्क परिवहन पूरी तरह बंद है। मजदूर 50 रुपये बढ़ोतरी की मांग पर अड़े हैं।
रामकृष्ण मिशन में कॉलेज की तैयारी
बस्तर में रामकृष्ण मिशन आश्रम में नया महाविद्यालय खोलने की तैयारी है। उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन ने स्थल निरीक्षण किया। सत्र 2026-27 से कॉलेज शुरू करने का लक्ष्य है, जिससे स्थानीय छात्रों को यहीं बेहतर शिक्षा मिलेगी।
इमरजेंसी में भी दवा नहीं
पावंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सड़क हादसे के घायलों को इमरजेंसी में दवा तक नहीं मिली। टिटनेस इंजेक्शन और पेन किलर बाहर से मंगवाने पड़े। मामले ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्जी UPI से दुकानदार से ठगी
सिंगनपुर में किराना दुकानदार से फर्जी फोन-पे ऐप दिखाकर 5500 रुपये की ठगी की गई। घटना CCTV में कैद है। पुलिस और साइबर टीम ने लोगों से डिजिटल पेमेंट में सतर्क रहने की अपील की है।
सूर्यमुखी खेती की वापसी
बस्तर के किसान फिर से सूर्यमुखी खेती की ओर लौट रहे हैं। बीज की कीमत 3 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। 2025-26 में 500 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा गया है। कम लागत और ज्यादा मुनाफा किसानों को आकर्षित कर रहा है।





