नारायणपुर। जिले के भरण्डा गांव में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद पूरे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 26 मतांतरित परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें गांव छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि आदिवासी ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पारंपरिक धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं का सम्मान नहीं किया जा रहा है। विवाद के दौरान कुछ समय के लिए सड़क जाम भी किया गया। प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। फिलहाल गांव में पुलिस गश्त जारी है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
जगदलपुर में स्कूल बसों की सुरक्षा जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। 110 वाहनों की जांच में केवल 66 वाहन ही पहुंचे, जबकि 44 वाहन अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। आरटीओ ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और अनुपस्थित स्कूलों पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ फिटनेस और पंजीयन रद्द करने तक की प्रक्रिया हो सकती है।
इसी बीच बस्तर में वनोपज आधारित उद्योगों की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज है। विशेषज्ञों का कहना है कि इमली, महुआ और औषधीय वन उत्पादों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयां कम हैं, जिससे रोजगार के अवसर सीमित रह जाते हैं। कई परियोजनाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं, जबकि वन धन केंद्रों और लघु उद्योगों को मजबूत करने की मांग उठ रही है।
बीजापुर के भोपालपटनम में प्रस्तावित कागज कारखाना भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। पर्याप्त बांस उत्पादन और अन्य तकनीकी कारणों से परियोजना अटकी हुई है। वर्तमान में जिले के अधिकांश बांस कूप बंद पड़े हैं, जबकि उपलब्ध बांस दूसरे राज्यों की मिलों में भेजा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उद्योग शुरू होने पर रोजगार और राजस्व दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
कोंडागांव में डायल-112 सेवा की तत्परता से एक सर्पदंश पीड़ित की जान बच गई। पुलिस टीम ने 28 किलोमीटर दूर जाकर गंभीर हालत में मरीज को अस्पताल पहुंचाया, जिससे समय पर इलाज मिल सका और उसकी जान बच गई।
जगदलपुर में बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने भानपुरी बिजली कार्यालय का घेराव किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने इसे आम जनता और किसानों पर आर्थिक बोझ बताया और फैसले को वापस लेने की मांग की।
वहीं नशामुक्ति दिवस पर बस्तर पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर कार्रवाई की। 20 लोगों पर चालान काटते हुए 3300 रुपये जुर्माना वसूला गया। साथ ही पशु परिवहन में क्रूरता रोकने को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया गया।





