September 4, 2026

Bastar News Update: बारिश के लिए आदिवासी परंपरा, केशकाल बायपास को मंजूरी, जंगल में विस्फोटकों का जखीरा बरामद

बस्तर। बस्तर संभाग में बारिश, सड़क, अपराध और सुरक्षा से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आई हैं। दंतेवाड़ा में अच्छी बारिश की कामना को लेकर 84 गांवों के ग्रामीणों ने सदियों पुरानी परंपरा निभाई। वहीं केशकाल बायपास परियोजना को केंद्र से मंजूरी मिली है। सुकमा में सुरक्षा बलों ने जंगल से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। पढ़िए बस्तर संभाग की प्रमुख खबरें।

बारिश के लिए 84 गांवों के ग्रामीणों ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा

दंतेवाड़ा। कुआकोंडा क्षेत्र में अच्छी बारिश और खेती के लिए अनुकूल मौसम की कामना को लेकर आदिवासी समाज ने सदियों पुरानी परंपरा निभाई। मंगलवार को 84 गांवों से 2 हजार से अधिक ग्रामीण उदेला गांव में जुटे।

ग्रामीण ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ पहाड़ की ओर रवाना हुए। करीब तीन किलोमीटर की कठिन चढ़ाई के बाद सभी भीमसेन शिला के पूजा स्थल पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने करीब पांच फीट जमीन में गड़ी शिला को पहले कीचड़ से स्नान कराया और फिर पानी से नहलाकर अच्छी बारिश की कामना की। 84 गांवों के पुजारी और गायता ने मिलकर परंपरा के अनुसार शिला को हिलाने की रस्म निभाई।

मान्यता है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है और खेती के लिए अनुकूल मौसम बनता है। पूजा के बाद ग्रामीणों ने उदेला गांव में साथ लाए राशन से सामूहिक भोजन भी तैयार किया।

इलाज के लिए जुटाए 3 लाख रुपये सफर के दौरान पर्स से गायब

दंतेवाड़ा। बहन के इलाज के लिए तीन लाख रुपये लेकर रीवा से दंतेवाड़ा पहुंची महिला के साथ सफर के दौरान चोरी हो गई। महिला घायल बहन के ऑपरेशन के लिए रकम लेकर यात्रा कर रही थी।

जगदलपुर बस स्टैंड पहुंचने के बाद वह रॉयल बस की स्लीपर सीट पर बैठी थी। उसने अपना साइड पर्स सीट के पास रखा था, जिसमें 3 लाख रुपये और मोबाइल था।

रात करीब 11:55 बजे मां का फोन आने पर महिला ने पर्स से मोबाइल निकाला। करीब पांच मिनट बातचीत के बाद जब उसने मोबाइल वापस रखने के लिए पर्स तलाशा तो पर्स गायब था।

महिला ने बस में मौजूद यात्रियों, चालक और परिचालक से पूछताछ की, लेकिन पर्स और रकम का कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

केशकाल बायपास परियोजना को केंद्र से मंजूरी

कोंडागांव। केशकाल घाट से गुजरने वाले यात्रियों और भारी वाहनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। करीब डेढ़ दशक से लंबित केशकाल बायपास परियोजना को केंद्र से मंजूरी मिल गई है।

करीब 307.96 करोड़ रुपये की लागत से 11.38 किलोमीटर लंबा फोरलेन बायपास प्रस्तावित है। बायपास बनने के बाद रायपुर से बस्तर आने-जाने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।

घाट की घुमावदार सड़क और भारी वाहनों के दबाव के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। दुर्घटना या वाहन खराब होने पर यातायात घंटों प्रभावित रहता है। बायपास बनने से केशकाल घाट और नगर के भीतर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

इस परियोजना से क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को भी गति मिलने की संभावना है।

जर्जर पुलिया से 10 से ज्यादा गांवों की आवाजाही प्रभावित

कोंडागांव। बड़ेराजपुर ब्लॉक में विश्रामपुरी से बड़बत्तर जामपारा को जोड़ने वाली पुलिया करीब दो साल से जर्जर हालत में है। बारिश के बीच ग्रामीणों को इसी संकरी और क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरना पड़ रहा है।

यह मार्ग बड़बत्तर, कुल्दाडिही, पीढ़ापाल, गम्हरी, पिटिसपाल और हरवेल समेत कई गांवों को जोड़ता है। रोजाना स्कूली बच्चे, किसान और मरीज भी इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद अब तक स्थायी सुधार नहीं किया गया है। बारिश बढ़ने और जलस्तर ऊपर आने पर कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने पुलिया की मरम्मत या नए निर्माण की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

जंगल में विस्फोटकों का जखीरा बरामद, सुरक्षा बलों ने टाला बड़ा खतरा

सुकमा। चिंतलनार थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक डंप का पता लगाकर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। कार्रवाई ग्राम इत्तलंका से करीब 300 मीटर दूर जंगल में की गई।

सूचना मिलने के बाद CRPF और चिंतलनार थाना पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। संभावित IED खतरे को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को भी अभियान में शामिल किया गया।

तलाशी के दौरान जंगल में कपड़े में लिपटा एक संदिग्ध बैग मिला। जांच करने पर इसमें 25 जिलेटिन स्टिक, 16 BGL हेड, दो इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, डेटोनेटर केस और कार्डेक्स वायर समेत अन्य सामग्री बरामद हुई।

सुरक्षा बल अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि विस्फोटक सामग्री जंगल में किसने छिपाई थी और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था।

आश्रम और स्कूलों की निगरानी होगी सख्त

दंतेवाड़ा। जिले में आश्रम-छात्रावासों और स्कूलों की व्यवस्थाओं की निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर नम्रता जैन ने समय-सीमा की बैठक में नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को छात्रावासों में विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं, भोजन और रहने की व्यवस्था की निगरानी करने के साथ निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा गणवेश, पाठ्यपुस्तक और साइकिल वितरण का काम भी समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

अबूझमाड़ में तेंदुए की खाल बरामद, वन्यजीव सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

नारायणपुर। अबूझमाड़ में सुरक्षा और प्रशासनिक पहुंच बढ़ने के बीच वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर नई चुनौती सामने आई है। धौड़ाई वन क्षेत्र में तीन संदिग्धों से तेंदुए की खाल बरामद होने के बाद वन विभाग ने जांच तेज कर दी है।

वन विभाग ने गायतापारा सड़क के पास दो मोटरसाइकिलों से जा रहे संदिग्धों को पकड़ा था। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि तेंदुए का शिकार किस इलाके में किया गया और खाल को कहां ले जाया जा रहा था।

वन विभाग अब संभावित तस्करी नेटवर्क और आरोपियों के अन्य कनेक्शन की जानकारी जुटा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार अबूझमाड़ जैसे बड़े वन क्षेत्र में कैमरा ट्रैप, ड्रोन, नियमित गश्त और संवेदनशील मार्गों की निगरानी बढ़ाना जरूरी है।