September 4, 2026

Bastar News Update: पर्यटन को रफ्तार, सौर ऊर्जा शोध को अंतरराष्ट्रीय पहचान; डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू, नक्सल डंप से विस्फोटक बरामद

जगदलपुर। बस्तर में नक्सल समस्या के कमजोर पड़ने के साथ पर्यटन गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक अब चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी, कोटमसर और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों का रुख कर रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, रेस्टोरेंट, वाहन और स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल रहा है। हालांकि प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले व्यवस्थित पर्यटन सर्किट की कमी अब भी बनी हुई है। जगदलपुर को केंद्र बनाकर पर्यटन सर्किट विकसित होने से परिवहन, पार्किंग, भोजन, गाइड और ठहरने जैसी सुविधाओं को बेहतर किया जा सकता है। इससे पर्यटकों का बस्तर में ठहराव बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सौर ऊर्जा पर शोध से बस्तर के सौरभ मोतीवाला को अंतरराष्ट्रीय पहचान

जगदलपुर। बस्तर के युवा सौरभ मोतीवाला ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में शोध के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। जगदलपुर निवासी सौरभ का सौर ऊर्जा संयंत्रों के प्रदर्शन पर किया गया शोध अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। चार साल से अधिक समय तक चले अध्ययन में गुजरात के 50 बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों का विश्लेषण किया गया, जिनकी कुल क्षमता करीब 659 मेगावाट बताई गई है।

शोध में वर्ष 2020 से 2024 के बीच वास्तविक बिजली उत्पादन और संयंत्रों के प्रदर्शन का अध्ययन किया गया। अध्ययन के दौरान कुछ परियोजनाएं अपेक्षा से कमजोर, कुछ सामान्य और कई बेहतर प्रदर्शन करती मिलीं। वहीं 28 परियोजनाओं में समय के साथ प्रदर्शन में गिरावट की प्रवृत्ति भी सामने आई। संयंत्रों का क्षमता उपयोग करीब 15 से 16 प्रतिशत के आसपास पाया गया। पीएचडी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में किए गए इस अध्ययन को सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे से खेतों का बनेगा सटीक रिकॉर्ड

जगदलपुर। बस्तर संभाग में खेती से जुड़े आंकड़ों को डिजिटल तकनीक के माध्यम से अधिक सटीक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत खेत की जियो-लोकेशन, बोई गई फसल और उसके रकबे का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

संभाग के सात जिलों में अब तक धान का कुल रकबा 1,54,488.179 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। इसमें कांकेर 66,571.341 हेक्टेयर के साथ सबसे आगे है। कोंडागांव में 34,489.070 और बस्तर में 30,522.286 हेक्टेयर धान का रकबा दर्ज हुआ है। बीजापुर में 9,886.216, सुकमा में 5,846.649, नारायणपुर में 5,062.022 और दंतेवाड़ा में 2,110.595 हेक्टेयर रकबा दर्ज किया गया है।

डिजिटल सर्वे से खेतों की वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड के बीच अंतर को सामने लाने में मदद मिलेगी। फसल खराब होने की स्थिति में नुकसान का आकलन और फसल बीमा के दावों का निपटारा भी अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा। वहीं सरकार को खाद, बीज, राहत और कृषि योजनाओं की बेहतर योजना बनाने के लिए वास्तविक आंकड़े उपलब्ध होंगे।

नक्सल डंप से 2 टिफिन बम समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद

सुकमा। कोंटा थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप का पता लगाकर बड़ी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली सामग्री बरामद की है। ग्राम बेलपोच्चा से गोमपाड़ जाने वाले मार्ग के पास जंगल और पहाड़ी इलाके में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर इलाके में नक्सली डंप होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने 30 अगस्त को एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान शुरू किया। रविवार सुबह करीब 11 बजे जवानों को संदिग्ध डंप मिला।

तलाशी के दौरान 5 किलो और 3 किलो वजन के दो टिफिन बम, कुल 8 किलो, बरामद किए गए। इसके अलावा 4 बंडल कोडेक्स वायर, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन, एक बंडल फ्यूज वायर और तीन बंडल बिजली वायर मिले। डंप से दो स्टील टिफिन, दो प्लास्टिक डस्टबिन और एक बैटरी समेत अन्य नक्सली उपयोगी सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि दोनों टिफिन बम वायर रहित अवस्था में थे। बरामद सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों को मदद के साथ आत्मनिर्भर बनाने की पहल

सुकमा। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अब आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा और कौशल विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेम साई गुरुजी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी जरूरतों की जानकारी ली।

जगरगुंडा क्षेत्र के बेनपल्ली पटेलपारा निवासी मुचाकी रामा की नक्सलियों द्वारा हत्या के बाद उनके परिवार से मुलाकात की गई। उनके बेटे किशोर की आगे की शिक्षा के लिए 51 हजार रुपए की सहायता दी गई। साथ ही किशोर को वुडन कार्य का प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

वहीं चिंतलनार क्षेत्र की 14 वर्षीय मड़कम सुक्की आईईडी की चपेट में आकर अपना एक पैर गंवा चुकी है। उसके परिवार को घर की मरम्मत के लिए 51 हजार रुपए की तत्काल सहायता दी गई। इसके अलावा सुक्की को नौकरी मिलने तक एक वर्ष के लिए हर महीने 31 हजार रुपए सहयोग राशि देने की घोषणा की गई है। पहल का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ शिक्षा और कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।

सड़क हादसे में समय पर मदद से घायलों को मिली राहत

कोंडागांव। फरसगांव क्षेत्र में एनएच-30 पर दो बाइक की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में दो बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए। हादसे के बाद फरसगांव सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।

हादसे में राजेश मरकाम के पैर में गंभीर चोट आई, जबकि कृष्णा भी गंभीर रूप से घायल हुआ। सविता, किरण और विवेक को भी चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल दोनों लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।

सड़क सुरक्षा समिति द्वारा दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान के साथ हादसे के समय घायलों को तत्काल मदद पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। फरसगांव की घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सड़क हादसे के बाद शुरुआती समय में मिलने वाली मदद घायलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।