जगदलपुर। ओडिशा से देश के विभिन्न राज्यों तक होने वाली गांजा तस्करी के खिलाफ बस्तर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नशे के कारोबार पर लगातार शिकंजा कसते हुए पुलिस अब तक करीब 27 हजार किलोग्राम गांजा नष्ट कर चुकी है। वहीं 2234 किलोग्राम से अधिक गांजा को भी जल्द वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाएगा।
तस्करी का बड़ा ट्रांजिट रूट है बस्तर
पड़ोसी राज्य ओडिशा में बड़े पैमाने पर गांजा उत्पादन होता है और वहां से तस्कर खेप को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं। भौगोलिक स्थिति के कारण बस्तर इस नेटवर्क का प्रमुख ट्रांजिट रूट माना जाता है। इसे देखते हुए पुलिस लगातार नाकेबंदी, सघन जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
490 मामलों में जब्त गांजा किया गया नष्ट
बस्तर जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 490 मामलों में जब्त लगभग 27 हजार किलोग्राम गांजा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नष्ट किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि जब्त मादक पदार्थों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाता है ताकि उनका दोबारा दुरुपयोग न हो सके।
अफीम, नशीली गोलियां और सिरप भी किए गए खत्म
गांजा के अलावा पुलिस ने 230 ग्राम अफीम, करीब 13 हजार नशीली टेबलेट, 13 हजार कैप्सूल और 27 हजार से अधिक नशीले सिरप की बोतलों को भी नष्ट किया है। यह कार्रवाई विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
सीसीटीवी निगरानी में रखा जाता है जब्त माल
एडिशनल एसपी माहेश्वर नाग ने बताया कि एनडीपीएस मामलों में जब्त मादक पदार्थों को केंद्रीकृत स्टोर में सुरक्षित रखा जाता है। स्टोर की 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी होती है और न्यायालय व सक्षम समिति की अनुमति मिलने के बाद ही नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
61 मामलों का 2234 किलो गांजा होगा नष्ट
बस्तर पुलिस अब 61 अन्य मामलों में जब्त 2234 किलोग्राम गांजा को नष्ट करने की तैयारी कर रही है। इसे नगरनार स्थित NMDC Steel Limited के भस्मीकरण संयंत्र में वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाएगा।
नशा कारोबारियों को कड़ा संदेश
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल जब्त माल के निपटान तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त संदेश भी है। बस्तर में नशे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।





