रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर दो ठेकेदारों का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है, जबकि आठ अन्य ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसके अलावा, पूर्व में नोटिस प्राप्त दो ठेकेदारों के जवाबों की समीक्षा कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मुख्य अभियंताओं से प्रतिवेदन मांगा गया है।
केशलूर रेलवे ओवरब्रिज के ठेकेदार को नोटिस
लोक निर्माण विभाग ने 10 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर निर्माणाधीन फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज की धीमी प्रगति पर ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी किया। विभाग ने निर्माण कार्य तय कार्यक्रम और निर्धारित माइलस्टोन से पीछे पाए जाने पर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने सड़कों और पुलों के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
चार पुल परियोजनाओं में देरी, कंपनी का पंजीयन रद्द
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुल निर्माण परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है।
कंपनी कोंडागांव जिले में भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और बड़े राजपुर विकासखंड के पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण कर रही है। इसके अलावा कबीरधाम जिले में बांटीपथरा-कुई (दमगढ़) मार्ग पर हॉफ नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण भी कंपनी के जिम्मे है। विभाग के अनुसार चारों परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।
कांकेर में पुल निर्माण में लेटलतीफी
कांकेर जिले के आमाबेड़ा-सेमर गांव मार्ग पर नेरूल नदी और बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग में डुमरीकेल नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य में देरी के कारण ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है।
विभाग ने बताया कि कई बार निर्देश और नोटिस जारी करने के बावजूद कार्यों की गति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
सुकमा और नारायणपुर के ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की तैयारी
नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य की धीमी प्रगति पर ठेकेदार पंकज हालदार के जवाब की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई के लिए बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मांगा गया है।
इसी तरह सुकमा जिले में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग तथा केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क निर्माण कार्यों में देरी के मामले में ठेकेदार आशीष भदौरिया के खिलाफ भी कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन तलब किया गया है।
आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस
लोक निर्माण विभाग ने कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बीएमएस प्रोजेक्ट, कोंडागांव के हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी तथा जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एसके अरोरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसके अलावा सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क के ठेकेदार के. मोहन रेड्डी, ट्रांससॉफ्ट इन्फ्रा और मेसर्स राघव कंस्ट्रक्शन, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं मेसर्स राघव कंस्ट्रक्शन तथा भेज्जी-चिंतागुफा सड़क परियोजना से जुड़े के. मोहन रेड्डी और गोविंद्र सिंह देशमुख को भी नोटिस जारी किया गया है।
गुणवत्ता और समय-सीमा से समझौता नहीं : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता तथा समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या अनुबंध शर्तों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय पर परियोजनाएं पूरी नहीं होने से आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बस्तर क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है और अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।





