रायपुर/जगदलपुर। बदलते बस्तर की तस्वीर एक बार फिर चर्चा में है, जहां आज भारत रत्न और क्रिकेट जगत के महानायक सचिन तेंदुलकर का आगमन हुआ। यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस बदलाव की झलक माना जा रहा है जहां कभी नक्सलवाद और डर का साया था, वहां अब खेल और विकास की नई राह दिखाई दे रही है।
सचिन तेंदुलकर अपने परिवार और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के सदस्यों के साथ बस्तर पहुंचे, जिनमें उनकी बहू सानिया चंदोक, बेटी सारा तेंदुलकर और फाउंडेशन के 5 अन्य सदस्य शामिल हैं। उनका यह दौरा बस्तर के बच्चों और युवाओं के खेल भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से बताया जा रहा है।

बस्तर में खेल क्रांति की शुरुआत
मीडिया से बातचीत के दौरान सचिन तेंदुलकर ने बताया कि बस्तर में 50 स्कूल खेल मैदानों को विकसित करने की योजना है, जिससे बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि “मैदान कप” नामक प्रतियोगिता के माध्यम से हजारों बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।
इस पूरे अभियान को मानदेशी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है। इस पहल से करीब 5000 से अधिक बच्चों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए बस्तर के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

बच्चों के साथ भावुक पल, बल्लों पर ऑटोग्राफ
दौरे के दौरान स्थानीय बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने सचिन तेंदुलकर का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनसे मिलने के लिए लंबा इंतजार किया। सचिन ने बच्चों के बल्लों पर ऑटोग्राफ देकर उन्हें खास तोहफा दिया, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कई बच्चों के लिए यह पल किसी सपने के पूरा होने जैसा रहा। जिस बस्तर को कभी हिंसा और तनाव की पहचान से देखा जाता था, वहां आज खेल प्रतिभाओं की नई उम्मीदें जन्म ले रही हैं।
“अब बस्तर बल्ले और मेडल से पहचाना जाएगा”
युवा क्रिकेटर द्रोण वर्मा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर से मिलना उनके जीवन का बेहद खास क्षण रहा। सचिन ने उनके बैट पर “Best Wishes” लिखकर उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। द्रोण ने कहा कि वह इस मुलाकात का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और यह उनके लिए यादगार बन गई।
इस दौरान बच्चों ने सचिन तेंदुलकर को बस्तर की मॉडर्न आर्ट भेंट कर सम्मानित भी किया।
सुरक्षा के बीच हुआ आयोजन
बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर अपने फाउंडेशन के कार्यों की समीक्षा के लिए यहां पहुंचे हैं। उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि सचिन निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और बाद में वापस लौटेंगे।
सचिन तेंदुलकर का यह दौरा बस्तर के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि उस बदलाव की मजबूत तस्वीर है जहां अब भविष्य बंदूक नहीं, बल्ले और खेल के मैदान से लिखा जा रहा है।





