जगदलपुर। बस्तर संभाग के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पहली बार बस्तर के 30 मेधावी छात्रों को देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास में सेमीकंडक्टर चिप मैन्युफैक्चरिंग की विशेष ट्रेनिंग लेने का अवसर मिलेगा। यह पहल छात्रों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के साथ भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए भी तैयार करेगी।
जानकारी के अनुसार, IIT मद्रास में 12 से 24 जुलाई तक आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए बस्तर विश्वविद्यालय के छात्रों का चयन किया जाएगा। चयन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इंटरनल टेस्ट की मेरिट सूची के आधार पर होगा। चयनित 30 छात्र पहली बार हवाई यात्रा कर चेन्नई पहुंचेंगे और IIT मद्रास में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
इस पहल को लेकर प्रशासन भी उत्साहित है। चयनित छात्रों को राज्यपाल की उपस्थिति में रवाना किया जाएगा। छात्रों की हवाई यात्रा का पूरा खर्च दंतेवाड़ा जिला प्रशासन वहन करेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में बस्तर कलेक्टर और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है।
बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस डेटा ट्रांसफर सिस्टम और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इससे छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के बाद रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। रायपुर में स्थापित हो रही गैलियम नाइट्राइड (GaN) आधारित 5G और 6G डेटा ट्रांसफर टेक्नोलॉजी कंपनी में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बन सकती हैं। इससे बस्तर के युवाओं को उभरते सेमीकंडक्टर और दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में यह बस्तर के लिए ऐतिहासिक पहल है। इससे क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों तथा उद्योगों तक उनकी पहुंच मजबूत होगी। बस्तर विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकती है।





