March 4, 2026

Bastar & Sukma News Update: कुआकोंडा वेयरहाउस में चावल संकट से लेकर सड़क पर कार्रवाई तक, पढ़ें बड़ी खबरें


🚨 Kukakonda Rice Crisis: वेयरहाउस में मात्र 30 क्विंटल चावल, पीडीएस सप्लाई पर संकट

कुआकोंडा | Sukma News
कुआकोंडा वेयरहाउस में चावल का भारी संकट सामने आया है। वर्तमान में गोदाम में केवल 30 क्विंटल चावल शेष है, जो एक दुकान की जरूरत के लिए भी नाकाफी माना जा रहा है। कुआकोंडा से सुकमा जिले के कई इलाकों में सप्लाई जाती है, जिससे दबाव और अधिक बढ़ गया है।

जिले को हर माह लगभग 90 हजार से 1 लाख क्विंटल चावल की जरूरत होती है, लेकिन खाने योग्य चावल केवल 12 हजार क्विंटल ही बचा है। कई पीडीएस दुकानों में जनवरी माह का राशन अब तक नहीं पहुंच सका है।

मिलरों द्वारा उठाए गए धान का चावल अभी तक गोदामों में जमा नहीं हुआ है। यदि एक सप्ताह के भीतर नया स्टॉक नहीं पहुंचा तो फरवरी का राशन भी प्रभावित हो सकता है। हालात बिगड़ने पर कुछ गोदामों में ताले तक लगाने पड़े हैं। खाद्य विभाग का दावा है कि जल्द आवंटन मिलेगा, लेकिन जमीनी स्तर पर हितग्राही चिंतित नजर आ रहे हैं।


⚠️ Domestic Dispute Turned Deadly: बेटे ने पिता पर किया तीर से हमला, डॉक्टरों ने बचाई जान

सुकमा | Crime News
सुकमा जिले में घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। एक युवक ने गुस्से में अपने ही पिता पर तीर से हमला कर दिया। तीर पिता की जांघ और कलाई में धंस गया, जिससे नस दबने लगी और हाथ खराब होने का खतरा बन गया।

घायल को गंभीर हालत में जगदलपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां रात दो बजे डॉक्टरों की टीम ने आपात सर्जरी कर दोनों तीर सुरक्षित बाहर निकाले। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज नहीं होता तो स्थायी नर्व डैमेज हो सकता था। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है। यह घटना पारिवारिक हिंसा को लेकर गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।


🚧 Jagdalpur Municipal Action: सड़क को साइट बनाने पर 10 हजार का जुर्माना

जगदलपुर | Municipal News
जगदलपुर नगर निगम ने अव्यवस्थित निर्माण पर सख्ती दिखाई है। सार्वजनिक सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने पर बंसल क्लीनिक पर निगम ने 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

रेती और गिट्टी सड़क पर डालने से यातायात बाधित हो रहा था और नालियों में मलबा भरने से जल निकासी प्रभावित हो रही थी। निरीक्षण में नियम उल्लंघन की पुष्टि होने पर निगम टीम ने मौके पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


🏛️ Tribal Rest House Issue: आदिवासी विश्राम भवन बना राजनीतिक उलझन

जगदलपुर | Bastar News
जगदलपुर में आदिवासी समाज की वर्षों पुरानी मांग अब भी अधूरी है। आदिवासी विश्राम भवन का निर्माण वर्षों से लटका हुआ है, जिससे दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को ठहरने की सुविधा नहीं मिल रही।

साल 2021 में स्वीकृत 4 करोड़ रुपए की राशि के बाद भी भवन अधूरा है। भूमि पूजन के बाद निर्माण रोक दिया गया। समाज का आरोप है कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते काम आगे नहीं बढ़ रहा। त्योहारों के दौरान सिरहा-पुजारी और ग्रामीण खुले में रुकने को मजबूर होते हैं। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।


🕊️ Naxal-Free Bastar: अधिकारियों ने जताया विकास का भरोसा

जगदलपुर | Bastar Development News
नववर्ष मिलन समारोह में बस्तर के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए। कार्यक्रम में आईजी, कलेक्टर और एसपी शामिल हुए।

आईजी ने कहा कि बस्तर तेजी से नक्सलमुक्त हो रहा है और अब विकास को नई दिशा दी जाएगी। कलेक्टर ने मीडिया को विकास का साझेदार बताया, जबकि एसपी ने पुलिस-मीडिया समन्वय को मजबूत करने की बात कही। संदेश साफ था— शांति के साथ विकास।


🎯 Gambling in Fair: मेले में जुआ खेलते दो आरोपी गिरफ्तार

जगदलपुर | Police Action News
कोड़ेनार थाना क्षेत्र के अलवा गांव में दियारी मेले के दौरान पुलिस ने जुए पर बड़ी कार्रवाई की। सूचना मिलने पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

मौके से हजारों रुपए नकद और जुआ सामग्री जब्त की गई। पुलिस ने साफ किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और अभियान लगातार जारी रहेगा।


🚌 School Bus Checking: 21 स्कूल बसों पर कार्रवाई की तैयारी

जगदलपुर | Transport News
छात्रों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त हो गया है। जिले की 21 स्कूल बसों पर कार्रवाई की तैयारी की गई है।

बार-बार नोटिस के बावजूद कई बसें जांच शिविर में नहीं पहुंचीं। आरटीओ ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी पर पंजीयन रद्द किया जा सकता है। विभाग ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।


⚖️ Consumer Court Verdict: उपभोक्ता को मिला न्याय, बीमा कंपनी को देने होंगे 6 लाख

जगदलपुर | Consumer News
जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। सेवा में कमी पाए जाने पर आयोग ने पीड़ित उपभोक्ता को 6 लाख रुपए क्षतिपूर्ति और मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपए अतिरिक्त देने का आदेश दिया।

संयुक्त खंडपीठ ने सुनवाई के बाद स्पष्ट किया कि वर्षों तक भुगतान रोकना गलत है। तय समय में भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। फैसले से उपभोक्ताओं में भरोसा मजबूत हुआ है।