September 4, 2026

Bastar News: पोलमपल्ली पोटाकेबिन अधीक्षिका निलंबित, एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी कनेक्टिविटी; पढ़ें बस्तर की बड़ी खबरें

सुकमा। पोलमपल्ली स्थित पोटाकेबिन और आरएमएसए छात्रावास में बच्चों के बीमार पड़ने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य जांच के बाद संस्था के निरीक्षण में गंभीर कमियां सामने आने पर पोटाकेबिन की अधीक्षिका पदमलता मौर्य को निलंबित कर दिया गया है। वहीं बस्तर में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, छात्रावासों की सुविधाओं, स्वास्थ्य व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े मामलों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं।

पोलमपल्ली पोटाकेबिन की अधीक्षिका निलंबित

बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 28 और 29 अगस्त को शिविर लगाकर सभी बच्चों की जांच की थी। 29 अगस्त को कलेक्टर ने संस्था का निरीक्षण किया, जिसमें संचालन में कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर ने अधीक्षिका पदमलता मौर्य को निलंबित कर दिया।

उनकी जगह सहायक शिक्षक वैजयंती चंद्रा को संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब प्रशासन की निगरानी में बच्चों के स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता और आवासीय व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एक्सप्रेसवे से बस्तर के बाजारों को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच बन रहा 465 किलोमीटर लंबा इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर के लिए आर्थिक विकास की नई राह खोल सकता है। छह लेन के इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से रायपुर और विशाखापट्टनम के बीच दूरी करीब 465 किलोमीटर रह जाएगी।

कांकेर-कोंडागांव के बीच 2.83 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल और ओडिशा सीमा के पास एलिवेटेड वियाडक्ट इसका प्रमुख हिस्सा है। बेहतर कनेक्टिविटी से महुआ, इमली, धान, हस्तशिल्प और अन्य वनोपज को बड़े बाजारों और विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुंचाने में समय और लागत कम होने की उम्मीद है। करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस कॉरिडोर के 2027 तक शुरू होने की संभावना है।

छात्रावासों में सुविधाओं को लेकर उठी मांग

जगदलपुर में आदिवासी युवा छात्र संगठन ने आवासीय संस्थानों की समस्याओं को लेकर आदिवासी विकास विभाग को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने बेसोली स्थित बालक छात्रावास में कक्षों की कमी और पेयजल व्यवस्था का मुद्दा उठाया।

छात्रावासों में RO प्लांट, नियमित स्वास्थ्य जांच और फर्स्ट एड किट उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा कन्या क्रीड़ा परिसर की बंद हाईमास्ट लाइट शुरू करने और बेसोली परिसर में सीसी सड़क निर्माण की मांग भी रखी गई है।

12 साल के हेमराज की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

कांकेर के रावघाट क्षेत्र में 12 वर्षीय हेमराज कुमेटी की मौत के बाद प्रभावित गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। फूलपाड़ निवासी हेमराज की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे बीएसपी अस्पताल ले गए थे। बाद में नारायणपुर के निजी अस्पताल में उपचार कराया गया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई और मौत हो गई।

परिजनों ने बेहतर उपचार और एंबुलेंस व्यवस्था में देरी का आरोप लगाया है। घटना के बाद प्रभावित गांवों में गंभीर मरीजों के लिए तत्काल रेफरल और विशेषज्ञ उपचार की व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठ रही है।

गंजेनार कन्या आश्रम को लेकर रिकॉर्ड पर सवाल

सुकमा के छिंदगढ़ ब्लॉक स्थित गंजेनार कन्या आश्रम को लेकर सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति में अंतर होने का आरोप लगाया गया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम ने दावा किया कि करीब ढाई महीने से बंद आश्रम की छात्राओं के स्कूल जाने को लेकर विभाग की ओर से दी गई जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती।

उन्होंने छात्राओं के नाम पर मिलने वाली छात्रवृत्ति, भोजन और अन्य मदों की राशि की जांच की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की मांग की गई है।

कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में संगठन मजबूत करने पर जोर

जगदलपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया गया। ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स को संगठनात्मक कामकाज और जनसंवाद के तरीकों की जानकारी दी गई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री मोहन मरकाम और ताम्रध्वज साहू समेत अन्य नेताओं ने पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। आगामी गतिविधियों और संगठन विस्तार की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

बारिश के बीच निकली भव्य कलश यात्रा

जगदलपुर के धरमपुरा में पहली बार सार्वजनिक रूप से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा से पहले बारिश के बीच करीब 6 किलोमीटर लंबी कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

वृंदावन से पहुंचे अनादि जी महाराज की व्यासपीठ से कथा का शुभारंभ होगा। आयोजन के दौरान प्रतिदिन शाम आरती और प्रसाद वितरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है।