July 23, 2026

विजन 2031 से बदल रही बस्तर की तस्वीर, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रही साय सरकार

रायपुर। कभी नक्सल हिंसा और अविकास की पहचान रहा बस्तर संभाग अब तेजी से विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए “विजन 2031” के तहत बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।

विजन 2031 केवल एक विकास योजना नहीं, बल्कि बस्तर के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण का रोडमैप है। सरकार ने सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और रोजगार को केंद्र में रखकर विकास की रणनीति तैयार की है।

नक्सलवाद से मुक्ति बना विकास का आधार

बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा वर्षों तक नक्सलवाद रहा। राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों और विकास योजनाओं के समन्वित प्रयासों के जरिए क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में काम किया है। सरकार का दावा है कि नक्सल प्रभाव में कमी आने से अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश के नए अवसरों का विस्तार हो रहा है।

आय बढ़ाने पर विशेष जोर

विजन 2031 के तहत बस्तर के परिवारों की औसत आय में छह गुना तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। सरकार कृषि, वनोपज, डेयरी और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर प्रत्येक परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पशुपालन और कृषि आधारित योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

नियद नेल्लानार योजना से गांवों तक पहुंच रही सुविधाएं

नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में “नियद नेल्लानार योजना” के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। योजना के तहत बिजली, स्वास्थ्य सेवा, राशन कार्ड, शिक्षा, आंगनबाड़ी, बैंकिंग और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जागरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी की स्थापना की दिशा में काम चल रहा है। वहीं डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार कर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार

बस्तर में सड़क, पुल, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार, नई सड़क परियोजनाओं और पुलों के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि मजबूत आधारभूत संरचना ही दीर्घकालिक विकास की कुंजी है।

पर्यटन और संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा

प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी संस्कृति से समृद्ध बस्तर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम हो रहा है। चित्रकोट जलप्रपात सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के साथ-साथ बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं और संस्कृति को मंच प्रदान किया जा रहा है।

कृषि और सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ

इंद्रावती नदी क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की योजना बनाई गई है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

विकसित बस्तर की ओर बढ़ते कदम

विजन 2031 के माध्यम से बस्तर को विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के मामले में नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर को ऐसा मॉडल क्षेत्र बनाना है, जहां विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े।