September 4, 2026

बेल्हारी बांध की मरम्मत पर सवाल, 2.68 करोड़ के काम के तीन महीने बाद ही बहने लगी मिट्टी; 162 एकड़ फसल पर खतरा

कवर्धा। कबीरधाम जिले के बेल्हारी बांध के तटबंध की मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपए की लागत से मरम्मत कार्य पूरा होने के महज तीन महीने बाद पहली बारिश में ही तटबंध की मिट्टी बहने लगी है। जगह-जगह पानी का रिसाव होने से ग्रामीणों में बांध के कमजोर होने और टूटने की आशंका बनी हुई है।

पहली बारिश में ही तटबंध की मिट्टी बहने लगी

ग्रामीणों के मुताबिक मरम्मत के दौरान तटबंध में मिट्टी डालने के बाद पर्याप्त कंपेक्शन नहीं किया गया। बारिश और पानी के दबाव के कारण मिट्टी बहने लगी, जिससे तटबंध की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए फिलहाल बांध का पानी नहर के जरिए बाहर निकाला जा रहा है।

162 एकड़ फसल पर मंडरा रहा खतरा

तटबंध की मौजूदा स्थिति ने आसपास के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तटबंध टूटता है तो करीब 162 एकड़ खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। पानी का दबाव बढ़ने पर स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

2.68 करोड़ के काम की गुणवत्ता पर उठे सवाल

मरम्मत के महज तीन महीने बाद पहली बारिश में तटबंध की मिट्टी बहने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली के साथ-साथ विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया था, तो पहली बारिश में ही तटबंध की मिट्टी क्यों बहने लगी? पर्याप्त कंपेक्शन किया गया था या नहीं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की विभागीय अधिकारियों ने सही तरीके से जांच की थी या नहीं, इसकी जांच जरूरी है।

तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने तटबंध की तकनीकी जांच कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। फिलहाल बांध का पानी नहर के जरिए बाहर निकालकर तटबंध पर दबाव कम किया जा रहा है।

करोड़ों रुपए की लागत से हुए मरम्मत कार्य के कुछ ही महीनों बाद सामने आई इस स्थिति ने निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि तटबंध की मिट्टी बहने की वास्तविक वजह क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।