July 30, 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर धधका जंगल, बांसला पहाड़ी में लगी आग ने खड़े किए कई सवाल

भानुप्रतापपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण के संकल्प लिए जा रहे थे और जगह-जगह पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे, वहीं भानुप्रतापपुर वन परिक्षेत्र के बांसला पहाड़ी से सामने आई तस्वीरों ने इन दावों की हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए। पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों में आग धधकती रही और पेड़ जलते रहे, जबकि पर्यावरण संरक्षण के संदेश दिए जा रहे थे।

विश्व पर्यावरण दिवस के दिन सामने आई यह घटना न केवल वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि उन लोगों की लापरवाही को भी उजागर करती है जो हर साल जंगलों में आग लगाकर प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाते हैं।

जंगल में लगी आग से पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। साथ ही वन्यजीवों के जीवन और उनके प्राकृतिक आवास पर भी खतरा मंडरा रहा है। गर्मी के मौसम में जंगलों में आग की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन पर्यावरण दिवस के दिन ऐसी घटना का सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं किया गया तो वन संपदा को व्यापक नुकसान हो सकता है।

विडंबना यह रही कि जिस दिन पूरे देश में “पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ” का संदेश दिया जा रहा था, उसी दिन बांसला की पहाड़ी पर पेड़ आग की लपटों में घिरे नजर आए। एक ओर पौधों को जीवन देने की बातें हो रही थीं, वहीं दूसरी ओर जंगल खुद संरक्षण और बचाव की गुहार लगाता दिखाई दिया।