March 3, 2026

दूसरी पुण्यतिथि पर विद्यासागर जी महाराज को ‘भारत रत्न’ देने की मांग तेज, आज चन्द्रगिरि तीर्थ जाएंगे केंद्रीय मंत्री शिवराज

डोंगरगढ़। जैन धर्म के महान संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर डोंगरगढ़ स्थित चन्द्रगिरि तीर्थ एक बार फिर राष्ट्रीय आस्था और विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। इस मौके पर आचार्य विद्यासागर जी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान किए जाने की मांग तेज हो गई है।

आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने 18 फरवरी 2024 को चन्द्रगिरि तीर्थ में जैन परंपरा की सर्वोच्च साधना सल्लेखना के माध्यम से समाधि प्राप्त की थी। उनका संपूर्ण जीवन तप, त्याग, संयम और उच्च नैतिक मूल्यों का प्रतीक रहा। वे केवल जैन समाज के ही नहीं, बल्कि ऐसे आध्यात्मिक महापुरुष थे, जिनकी विचारधारा ने समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया।

दिनभर होंगे भक्ति और स्मृति आयोजन

दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर चन्द्रगिरि तीर्थ में भक्ति, आराधना, स्मृति कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन पूरे दिन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जैन समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा केंद्र सरकार से आचार्य विद्यासागर जी महाराज को भारत रत्न देने की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का डोंगरगढ़ दौरा

इस महत्वपूर्ण आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई दिग्गज नेता 27 जनवरी को डोंगरगढ़ प्रवास पर रहेंगे। वे चन्द्रगिरि तीर्थ पहुंचकर समाधि स्थल पर दर्शन करेंगे और स्मृति महोत्सव में शामिल होंगे।

स्थानीय नागरिकों और समाज के प्रतिनिधियों का मानना है कि केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी से न सिर्फ चन्द्रगिरि तीर्थ और डोंगरगढ़ को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी, बल्कि भारत रत्न की मांग को भी एक प्रभावी और औपचारिक मंच प्राप्त होगा।

राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच रही श्रद्धा की आवाज

कुल मिलाकर, दूसरी पुण्यतिथि पर विद्यासागर जी महाराज की समाधि से उठ रही श्रद्धा और सम्मान की यह आवाज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती नजर आ रही है, जहां एक संत के त्याग, साधना और जीवन मूल्यों को देश के सर्वोच्च सम्मान से जोड़ने की मांग लगातार मजबूत हो रही है।