July 23, 2026

भारतमाला मुआवजा घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, कारोबारी जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली गिरफ्तारी करते हुए अभनपुर निवासी कारोबारी जयप्रकाश गांधी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी को विशेष पीएमएलए न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया है।

ईडी ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की है। मामला भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है।

56 लाख की जगह लिया 9.83 करोड़ का मुआवजा

ईडी की जांच में सामने आया है कि जयप्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर अधिसूचित हाईवे अलाइनमेंट के भीतर आने वाली भूमि को खरीदा और बाद में उसे 500 वर्ग मीटर से कम आकार के छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया।

जांच एजेंसी का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया अधिक मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से की गई थी। ईडी के अनुसार, आरोपी और उसके परिवार को कानूनी रूप से जहां लगभग 56.76 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए था, वहीं कथित तौर पर उन्होंने 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त कर लिया। इस प्रकार करीब 9.27 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की गई।

निवेश के जरिए रकम को वैध बनाने का आरोप

ईडी का दावा है कि मुआवजा घोटाले से प्राप्त रकम को बाद में शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया के जरिए कथित तौर पर अवैध धन को वैध संपत्ति के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।

अप्रैल में हुई थी छापेमारी

मामले की जांच के दौरान ईडी ने 28 अप्रैल 2026 को रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिले में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए थे।

जांच टीम ने जयप्रकाश गांधी के अलावा उसके भाई गोपाल गांधी और सत्यप्रकाश गांधी के परिसरों की भी तलाशी ली थी। इन्हीं दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।

अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में

इससे पहले ईडी ने मामले के मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल के खिलाफ विशेष न्यायालय में परिवाद दायर किया था। एजेंसी का आरोप है कि भूमि खरीद, नामांतरण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया।

जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव

ईडी के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी इस कथित साजिश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

भारतमाला परियोजना से जुड़े इस कथित मुआवजा घोटाले को राज्य के सबसे चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में से एक माना जा रहा है। अब ईडी की जांच से मामले के कई और पहलुओं के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।