May 15, 2026

भारतमाला घोटाला: रायपुर में ईडी का बड़ा एक्शन, गोपाल गांधी समेत कई ठिकानों पर छापेमारी

भारतमाला घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई
रायपुर में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े लोगों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

13 अधिकारियों की टीम, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य खंगाले
जानकारी के मुताबिक ईडी के 13 अधिकारियों की टीम ने अभनपुर स्थित गोपाल गांधी के घर और कार्यालय में सुबह-सुबह दबिश दी। टीम दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है।

भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर भी रेड
कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में करोड़ों रुपए का मुआवजा दिलाने में भूमिका निभाई।

500 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का आरोप
रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक की अनियमितता सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि में बदलकर मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया।

अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत उजागर
जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और जमीन दलालों की मिलीभगत से एक ही जमीन को कागजों में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर कई लोगों को मुआवजा दिया गया।

पहले भी हुई कार्रवाई, कई गिरफ्तार
इस मामले में ईडी और ईओडब्ल्यू पहले भी रायपुर और महासमुंद में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है। 40 लाख रुपए से अधिक नकद जब्त किया गया था और तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू सहित कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है, जिनमें सरकारी अधिकारी और जमीन दलाल शामिल हैं। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हुई हैं।