March 3, 2026

मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल से भिलाई खुर्द के 300 भू-विस्थापितों को मिलेगा मुआवजा, एसईसीएल ने प्रति परिवार 6.78 लाख देने पर जताई सहमति

कोरबा। कैबिनेट मंत्री एवं नगर विधायक श्री लखन लाल देवांगन की पहल पर ग्राम भिलाई खुर्द के लगभग 300 भू-विस्थापित परिवारों के मुआवजे का रास्ता साफ हो गया है। वर्षों से बिना मुआवजा दिए बस्ती खाली कराने पर अड़ी एसईसीएल अब मकानों का मुआवजा और बसाहट के लिए प्रति परिवार 6.78 लाख रुपये देने पर सहमत हो गई है।

यह सहमति शुक्रवार को एसईसीएल कोरबा के विश्राम गृह में आयोजित बैठक में बनी, जिसकी अध्यक्षता मंत्री श्री देवांगन ने की। बैठक में भू-विस्थापितों के प्रतिनिधि, एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


🔹 8 वर्षों से बिना मुआवजा हटाने की तैयारी में था प्रबंधन

बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने एसईसीएल अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि करीब 50 वर्ष पहले खदान के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया था और उस समय जमीन का मुआवजा दिया गया था, लेकिन अब वर्षों बाद मकानों को खाली कराना बिना उचित मुआवजा दिए अन्याय है।

उन्होंने कहा कि इतने वर्षों में एक जमीन धारक के कई परिवार बन चुके हैं, इसलिए सिर्फ भूमि स्वामी नहीं बल्कि हर परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए।


🔹 ऊर्जा जरूरी है, लेकिन भू-विस्थापितों के साथ न्याय भी जरूरी

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए कोयला महत्वपूर्ण है, लेकिन खदानों का विस्तार भू-विस्थापितों को साथ लेकर ही होना चाहिए। उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।


🔹 एसईसीएल ने बैठक में किए तीन बड़े फैसले

मंत्री के निर्देश के बाद एसईसीएल अधिकारियों ने बैठक में तीन अहम निर्णयों की घोषणा की—

✅ सभी परिवारों के मकान व संपत्ति का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा।
✅ विस्थापन हेतु प्रति परिवार 6.78 लाख रुपये दिए जाएंगे।
✅ मानिकपुर खदान की आउटसोर्सिंग कंपनियों में भू-विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी।