September 4, 2026

Bhilai News: 18 साल से प्रमोशन का इंतजार, डाटा एंट्री ऑपरेटर संभाल रहे अधिकारियों की जिम्मेदारी

भिलाईनगर। भिलाई नगर पालिक निगम में वर्ष 2008 से पद स्वीकृत नहीं होने के कारण 12 से अधिक डाटा एंट्री ऑपरेटर पदोन्नति से वंचित हैं। स्थिति यह है कि कई डाटा एंट्री ऑपरेटर राजस्व अधिकारी, योजना अधिकारी, लेखाधिकारी और विधि लिपिक जैसे जिम्मेदार पदों का काम संभाल रहे हैं, लेकिन वर्षों से उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है।

वर्ष 2026 में पुनरीक्षित की जा रही निगम की पदसंरचना के प्रस्ताव में भी डाटा एंट्री ऑपरेटरों के पदोन्नति चैनल के लिए पर्याप्त पद शामिल नहीं किए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी है।

15 से 17 साल से एक ही पद पर कर्मचारी

निगम में कार्यरत कई डाटा एंट्री ऑपरेटर लंबे समय से अधिकारियों की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। शरद दुबे जोन-2 में सहायक राजस्व अधिकारी का कार्य कर रहे हैं, जबकि विद्याधर देवांगन योजना विभाग में योजना अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

इसी तरह बालकृष्ण नायडू जोन-4 में सहायक राजस्व अधिकारी का कार्य, राजसच्चर जीपीएस और ईपीएफ प्रभारी, सुरेश देवांगन जनगणना प्रभारी और प्रकाश गढ़पायले लेखाधिकारी का कार्य संभाल चुके हैं।

ओंकार यादव विधि लिपिक, शिव देशमुख स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर कार्य, ओमप्रकाश दुबे प्रधानमंत्री आवास योजना में ऑपरेटर, ममता गढ़पल्लीवर जोन-5, कुमुदिनी पांडे राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और चंद्रशेखर तिवारी दुर्ग निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे करीब 15 से 17 वर्षों से एक ही पद पर कार्य कर रहे हैं।

नए पदों के सृजन का प्रस्ताव, लेकिन प्रमोशन को लेकर सवाल

निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए पहले से स्वीकृत पद नहीं होने के कारण अब नए सिरे से पद सृजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव में कंप्यूटर ऑपरेटर से पदोन्नति के लिए सहायक प्रोग्रामर, प्रोग्रामर और सहायक सूचना अधिकारी जैसे पद शामिल कर शासन को भेजे गए हैं।

हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि पुनरीक्षित पदसंरचना के प्रस्ताव में उनके प्रमोशन चैनल को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।

संघ ने रखी थी मांग, फिर भी नहीं हुआ समाधान

कर्मचारी संघ ने निगम में सुगम कार्यालयीन व्यवस्था और अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति को ध्यान में रखते हुए पुनरीक्षित सेटअप में संबंधित पदों को शामिल करने की मांग की थी।

संघ का आरोप है कि सुझाव दिए जाने के बावजूद निगम प्रशासन ने कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के पदोन्नति चैनल को नजरअंदाज कर दिया। कर्मचारियों में अब इस बात को लेकर आक्रोश है कि वर्षों से अधिकारियों की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उन्हें पदोन्नति का अवसर नहीं मिल रहा है।