July 29, 2026

भिलाई नगर निगम में 78 लाख की सड़क निर्माण में भारी अनियमितता, गुणवत्ता पर सवाल के बीच ठेकेदार को भुगतान और ब्लैकलिस्ट की मांग तेज

दुर्ग। भिलाई नगर निगम में विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी और अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। 15वें वित्त आयोग के तहत वार्ड 22 कुरूद में किए गए सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल उठने के बावजूद ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया, जिससे विवाद गहरा गया है।

78 लाख की सड़क दो महीने में ही जर्जर

वार्ड 22 कुरूद में लगभग 78 लाख 30 हजार रुपये की लागत से दो सड़कों का निर्माण मेसर्स शशांक जैन को सौंपा गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के कुछ ही महीनों में सड़कें पूरी तरह खराब हो गईं और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई।

महापौर ने कलेक्टर को लिखा पत्र

महापौर नीरज पाल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दुर्ग कलेक्टर को नस्तीबद्ध फाइल के साथ पत्र भेजकर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।

पहले भी जारी हो चुके थे नोटिस

जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य में देरी और गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार को पहले भी दो बार नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 11 जून 2025 को जोन-2 आयुक्त एशा लहरे ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के लिए निगम आयुक्त को पत्र भेजा था।

गुणवत्ता रिपोर्ट के बाद भी हुआ भुगतान

मामले में ठेकेदार ने 23 जून 2025 को पीडब्ल्यूडी कार्यालय से गुणवत्ता रिपोर्ट प्रस्तुत की और 29 सितंबर 2025 को 15 लाख 43 हजार रुपये का रनिंग बिल पास कराया गया।

इसके बाद दूसरा बिल 35 लाख 25 हजार रुपये का लगाया गया, जिस पर 0.5 प्रतिशत अर्थदंड के साथ समयावधि बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 कर दी गई। बावजूद इसके 27 जनवरी 2026 को दूसरा भुगतान भी जारी कर दिया गया।

निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल

महापौर ने निगम प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ओर गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भुगतान भी किया जा रहा है। इससे पूरे मामले पर गंभीर संदेह पैदा हो रहा है।

कमिश्नर का बयान

निगम आयुक्त राजीव पांडेय ने कहा कि मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस पूरे मामले ने भिलाई नगर निगम की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।