दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में जांच का दायरा अब बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है। पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आईएमएस-3 के महाप्रबंधक (GM) हिमांशु भूषण मलिक और सहायक महाप्रबंधक (AGM) मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों पर स्क्रैप चोरी में मिलीभगत और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत से पिछले करीब छह महीनों से भिलाई स्टील प्लांट से व्यवस्थित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी कर बाहर बेचा जा रहा था। मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फ्लू डस्ट की आड़ में बाहर भेजा जा रहा था स्क्रैप
जांच में पता चला कि आरोपी फ्लू डस्ट के परिवहन के दौरान बीएसपी से लौह स्क्रैप चोरी कर उसे बाहरी बाजार में खपा रहे थे। 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स के प्लॉट पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री भरी हुई मिली। गोदाम में भी बड़ी मात्रा में चोरी का स्क्रैप बरामद किया गया।
250 टन लौह सामग्री जब्त, कई वाहन और मशीनें सीज
पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह सामग्री जब्त की थी। इसके अलावा स्क्रैप परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाइड्रा और पांच मशीनों को भी सीज किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पिछले छह महीने से इसी तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे।
मुख्य आरोपी की करोड़ों की संपत्ति पहले ही हो चुकी है जब्त
इस मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पहले ही उसकी करीब 3.50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। अब बीएसपी के दो वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इस संगठित स्क्रैप चोरी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।





