July 23, 2026

अविश्वास प्रस्ताव पर भूपेश बघेल का हमला, बोले- ढाई साल में हर मोर्चे पर फेल रही साय सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साय सरकार ढाई वर्षों में हर मोर्चे पर विफल रही है और ऐसा लगता है कि सरकार किसी “अदृश्य शक्ति” के इशारों पर चल रही है।

करीब एक घंटे के भाषण में भूपेश बघेल ने किसानों, कानून-व्यवस्था, खाद संकट, धान खरीदी, वित्तीय स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं, पेसा कानून और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष का आरोप पत्र सरकार की विफलताओं का दस्तावेज है।

‘धान खरीदी और खाद व्यवस्था पूरी तरह फेल’

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि धान भीग रहा है, सड़ रहा है और संग्रहण केंद्रों में पड़ा हुआ है। साथ ही किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो रही, जिससे उन्हें बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है।

इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि किसानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है और प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने सरकार के खाद वितरण और एनपीके उर्वरक की नीति पर सवाल उठाए।

वित्तीय स्थिति और योजनाओं पर उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार अनुपूरक बजट (सप्लीमेंट्री बजट) नहीं लाई, जिससे यह संकेत मिलता है कि राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकायों और पंचायतों में वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं।

इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार बेहतर वित्तीय प्रबंधन कर रही है और जरूरत पड़ने पर ही अनुपूरक बजट लाया जाएगा।

कानून-व्यवस्था और अवैध खनन पर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सीतापुर, बलौदाबाजार और अन्य घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने अवैध रेत खनन, नकली खाद, महादेव ऐप मामले और कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना साधा। साथ ही कुछ मामलों की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की।

आदिवासी और वन क्षेत्रों को लेकर भी उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि तमनार और हसदेव जैसे क्षेत्रों में जंगलों की कटाई हो रही है और आदिवासियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून को लागू करने का काम कांग्रेस सरकार ने किया था और नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का श्रेय सभी सरकारों को जाता है।

स्वास्थ्य और किसान योजनाओं पर भी हमला

भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था खराब स्थिति में है और मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों की हालत चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवाइयां खरीद रही है। साथ ही फसल बीमा कंपनियों पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को कम से कम पूर्ववर्ती योजनाओं के नाम बदलने के बजाय उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।

भाषण के अंत में भूपेश बघेल ने कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत आरोप पत्र जनता विरोधी निर्णयों का प्रमाण है और ऐसी स्थिति में सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।