रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में कथित 1500 करोड़ रुपये की वसूली को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि जेल में बंद ‘रणनीति’ नामक सोशल मीडिया कंपनी के प्रमुख ने दो बड़े भाजपा नेताओं के नाम लिए हैं, तो अब तक उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट में कहा कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में 1500 करोड़ रुपये दिल्ली भेजने की बात सामने आई थी। इस वीडियो को लेकर भाजपा के एक विधायक द्वारा FIR दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद कार्रवाई हुई और कुछ लोग जेल भी गए। उन्होंने कहा कि इस मामले का मुख्य आरोपी ‘रणनीति’ नाम की सोशल मीडिया एजेंसी का प्रमुख है।
पूर्व सीएम ने सवाल उठाया कि क्या यही ‘रणनीति’ एजेंसी भाजपा छत्तीसगढ़ और मुख्यमंत्री का सोशल मीडिया हैंडल संभालती थी? उन्होंने आगे कहा कि जेल में बंद रणनीति का प्रमुख जोशी एक भाजपा नेता का बेटा है और उसके बयान में दो बड़े भाजपा नेताओं के नाम सामने आए हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वे दो नेता कौन हैं और उन पर कार्रवाई कब होगी।
भूपेश बघेल ने इस पूरे मामले को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा बताते हुए पूछा कि क्या इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज हो चुकी है, ऐसे में ED स्वतः इस मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है। उन्होंने सवाल किया कि ED इस मामले में जांच कब शुरू करेगी और 1500 करोड़ रुपये की कथित वसूली का असली सूत्रधार कौन है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि यह पैसा कहां से इकट्ठा होना था और कहां भेजा जाना था।
भाजपा का पलटवार
इस मामले में शिकायतकर्ता भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच जारी है और जांच के बाद सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। उन्होंने भूपेश बघेल से भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील की और कहा कि अनावश्यक जल्दबाजी ठीक नहीं है।





