July 30, 2026

अल्दा-देवरी भूमि विवाद पर गरमाई सियासत, भूपेश बघेल के नेतृत्व में तिल्दा थाने का घेराव

रायपुर। अल्दा-देवरी क्षेत्र में किसानों की जमीन पर कथित अवैध कब्जा, फर्जी एनओसी और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों को लेकर सोमवार को राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के नेतृत्व में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिल्दा-नेवरा थाने का घेराव कर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अल्दा, देवरी और घुलघुल क्षेत्र में किसानों की जमीन पर फर्जी एनओसी के जरिए अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। साथ ही सरकारी जमीन पर भी अतिक्रमण होने के बावजूद पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है।

तिल्दा थाने के बाहर आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीनों को बचाने के बजाय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने देवरी-घुलघुल-अल्दा क्षेत्र में प्रस्तावित स्पंज आयरन प्लांट का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना किसी भी औद्योगिक परियोजना को लागू नहीं होने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि एक जून को तिल्दा-नेवरा में आयोजित किसान महापंचायत में भी भूपेश बघेल ने प्रस्तावित स्पंज आयरन प्लांट का विरोध करते हुए कहा था कि किसानों और ग्रामीणों की इच्छा के विरुद्ध उद्योग स्थापित नहीं होने दिया जाएगा।

फिलहाल भूमि विवाद और प्रस्तावित उद्योग परियोजना को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की मांगों और आरोपों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।