July 30, 2026

मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में गवाहों को प्रलोभन देने का आरोप, एसपी से शिकायत

बीजापुर। चर्चित पत्रकार हत्या प्रकरण में अब गवाहों को प्रभावित करने और बयान बदलवाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पत्रकार चेतन कापेवार और पवन दुर्गम ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले के प्रमुख गवाहों को धनराशि और अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर उनके बयान बदलवाने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन के अनुसार बीजापुर निवासी सुनील मर्सकोले ने मोबाइल फोन पर संपर्क कर पत्रकार चेतन कापेवार को मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के पक्ष में बयान देने के एवज में एक लाख रुपये का प्रलोभन दिया।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बातचीत के दौरान पत्रकार पवन दुर्गम का नाम भी लिया गया। बताया गया कि उनसे भी इस संबंध में चर्चा की गई है। पवन दुर्गम का बयान पहले ही न्यायालय में दर्ज हो चुका है, जिसमें उन्होंने मृतक पत्रकार मुकेश चंद्राकर के पक्ष में और आरोपियों के खिलाफ बयान दिया है।

पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि गवाहों को अलग-अलग रकम का लालच देकर बयान बदलवाने की कोशिश न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और निष्पक्ष जांच में बाधा पहुंचाने का गंभीर प्रयास है। उनका कहना है कि गवाहों को धमकी, दबाव या प्रलोभन देना कानूनन अपराध है और इससे न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित होती है।

शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मामले की गंभीर जांच कराने, दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने और प्रमुख गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि वे बिना किसी भय या दबाव के अपना पक्ष न्यायालय और जांच एजेंसियों के समक्ष रख सकें।

एसपी ने जांच का दिया भरोसा

इस मामले में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्या है मुकेश चंद्राकर हत्याकांड?

पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी 2025 को घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे। परिवार की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी। 3 जनवरी को उनका शव एक बंद पड़े सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था।

जांच के दौरान पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी सड़क ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। मामले में रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके को भी आरोपी बनाया गया। प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी और करीब 70 लोगों को गवाह बनाया गया था।

एसआईटी जांच में यह बात सामने आई थी कि सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों के प्रसारण को लेकर आरोपी सुरेश चंद्राकर नाराज था। इसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे बाद में हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था।