बीजापुर:
बीजापुर जिला मुख्यालय से गोरना और मनकेली गांव तक बन रही मुरमिकरण सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर बिना फॉरेस्ट क्लियरेंस के पेड़ों की कटाई और अवैध मुरुम खुदाई का आरोप लगाया है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण के दौरान महुआ, टोरा और इमली जैसे वर्षों पुराने आजीविका से जुड़े पेड़ों को काटा जा रहा है। उनका कहना है कि ठेकेदार ने न तो ग्रामीणों से सहमति ली और न ही वन विभाग से अनुमति प्राप्त की।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार निर्धारित स्थान से मुरुम लेने के बजाय सड़क किनारे ही जेसीबी से खुदाई कर रहा है। इससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो अब दुर्घटना का खतरा बन चुके हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पेड़ों से उनकी आजीविका जुड़ी हुई है, इसलिए इस तरह की कटाई पूरी तरह गलत है। उन्होंने निर्माण कार्य को तत्काल रोकने और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े ने जांच टीम गठित कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





