May 14, 2026

बीजापुर अस्पताल में अनोखा इलाज: केले के पत्तों में रखकर नवजात को दी नई जिंदगी

बीजापुर। Bijapur जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक बेहद दुर्लभ और गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु का अनोखे तरीके से सफल इलाज किया गया। डॉक्टरों ने 25 दिनों तक बच्चे को स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों में रखकर उपचार किया और उसकी जान बचा ली।

ग्राम कोरसागुड़ा (विकासखंड उसूर) निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद शिशु में Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक दुर्लभ बीमारी पाई गई, जिसमें त्वचा जलने जैसी हालत में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है।

शिशु रोग विशेषज्ञ Dr. Neha Chavan के नेतृत्व में टीम ने लगातार 25 दिनों तक एंटीबायोटिक थेरेपी और विशेष नर्सिंग देखभाल दी। इस दौरान नवजात की नाजुक त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए स्टरलाइज केले के पत्तों का उपयोग किया गया, जिससे घर्षण कम हुआ और संक्रमण का खतरा घटा।

डॉक्टरों के अनुसार, यह अत्यंत दुर्लभ केस था और समय पर इलाज नहीं मिलता तो नवजात की जान जा सकती थी। सही समय पर अस्पताल लाने और उचित उपचार के चलते बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है।

शिशु के परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आभार जताते हुए इसे चमत्कार बताया। वहीं सिविल सर्जन Dr. Ratna Thakur ने कहा कि इस तरह का केस अस्पताल में पहली बार आया था और मेडिकल टीम की मेहनत से नवजात को नया जीवन मिला है।