July 29, 2026

बीजापुर तेंदूपत्ता अग्निकांड पर बड़ी कार्रवाई, DFO हटाए गए; केदार कश्यप ने दिए सख्त जांच के निर्देश

Raipur/Bijapur। बीजापुर जिले में हुए तेंदूपत्ता अग्निकांड को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। वन मंत्री Kedar Kashyap ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बीजापुर के वनमंडलाधिकारी (DFO) Ramesh Kumar Jangde को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय रायपुर में संबद्ध किया गया है।

वन मंत्री के निर्देश पर तेंदूपत्ता संग्रहण और प्रबंधन में अनुभवी अधिकारी Jadhav Sagar Ramchandra को बीजापुर का नया डीएफओ नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई को सरकार का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि वनवासियों और आदिवासी परिवारों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता केवल वन उपज नहीं, बल्कि हजारों आदिवासी और वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, समयबद्ध और तथ्यात्मक होनी चाहिए ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके।

अनुभवी अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी

नवनियुक्त डीएफओ जाधव सागर रामचंद्र वर्तमान में राज्य लघु वनोपज संघ में पदस्थ हैं। उन्हें तेंदूपत्ता संग्रहण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव हासिल है। दंतेवाड़ा जिले में उनके कार्य और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए शासन ने उन्हें बीजापुर जैसे संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी सौंपी है।

10 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान

उल्लेखनीय है कि 25 मई 2026 को बीजापुर जिले के इटपाल स्थित निजी गोदाम में भीषण आग लगने से विभिन्न समितियों द्वारा संग्रहित तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया था। प्रारंभिक आकलन में करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल वास्तविक क्षति का भौतिक सत्यापन जारी है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

शासन ने घटना के कारणों, गोदामीकरण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों के पालन, अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका और संभावित वित्तीय नुकसान सहित सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। वन मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि वन संपदा और आदिवासी हितों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।