January 17, 2026

डबल इंजन सरकार का संकेत: बिलासपुर बनेगा छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन, मंत्रालय में हुई हाईलेवल बैठक

रायपुर |
छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास को लेकर एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का रूप ले लिया।

इस बैठक में जिस तरह केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि बिलासपुर अब केवल एक संभागीय शहर नहीं रहा, बल्कि राज्य की विकास प्राथमिकताओं के केंद्र में आ चुका है।

बैठक में आधारभूत ढांचे, उद्योग, कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से बिलासपुर को लॉजिस्टिक हब, एजुकेशन सिटी और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की रणनीति पर फोकस किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार की मंशा है कि बिलासपुर को रायपुर के समानांतर एक मजबूत आर्थिक केंद्र के रूप में खड़ा किया जाए, जिससे उत्तर छत्तीसगढ़ और मध्य क्षेत्र को नया विकास आधार मिल सके। रेलवे ज़ोन मुख्यालय, हाईकोर्ट और केंद्रीय संस्थानों की मौजूदगी को देखते हुए यहां बड़े निवेश को आकर्षित करने की योजना बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में स्पष्ट कहा कि विकास योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि समयबद्ध और परिणाममूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिलासपुर से जुड़ी परियोजनाओं की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर की जाएगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम है, बल्कि इसके राजनीतिक संकेत भी स्पष्ट हैं। डबल इंजन सरकार बिलासपुर को विकास का मॉडल बनाकर पूरे प्रदेश में अपनी नीतियों का प्रभाव दिखाना चाहती है।

अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या यह रणनीति ज़मीन पर भी उतनी ही तेज़ी से उतरती है, जितनी गंभीरता आज मंत्रालय की बैठक में दिखाई दी। बिलासपुर के लिए यह बैठक एक नए विकास अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।