July 27, 2026

बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार को बड़ी राहत, सेना ने सौंपी 290 एकड़ जमीन; अब 4C अपग्रेड का रास्ता साफ

बिलासपुर। बिलासा देवी चकरभाठा एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। हवाई सेवा शुरू होने के करीब पांच साल बाद सेना ने अपनी 290.8 एकड़ जमीन जिला प्रशासन को हस्तांतरित कर दी है। इस जमीन के मिलने के बाद एयरपोर्ट के पास कुल 646.8 एकड़ भूमि हो गई है, जिससे इसे 4C श्रेणी में अपग्रेड करने का रास्ता साफ हो गया है।

रनवे विस्तार की बाधाएं दूर
अतिरिक्त जमीन मिलने से एयरपोर्ट के रनवे विस्तार में आ रही तकनीकी अड़चनें खत्म हो गई हैं। वर्तमान में रनवे की लंबाई 1498 मीटर है, जो केवल 72 सीटर एटीआर विमान के लिए उपयुक्त है। अब इसे बढ़ाकर लगभग 2800 मीटर किया जाएगा, जिससे बड़े विमान भी यहां से उड़ान भर सकेंगे।

4C कैटेगरी से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड किए जाने के बाद महानगरों से बड़े विमानों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। हाल ही में एयरपोर्ट को ऑल-वेदर ऑपरेशन की भी मंजूरी मिली है, जिससे खराब मौसम में भी उड़ान संभव हो सकेगी। ()

इस तरह पूरी हुई जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया
सेना की छावनी का प्रस्ताव रद्द होने के बाद राज्य सरकार ने जमीन वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी। सीमांकन का कार्य हाल ही में पूरा किया गया, जिसके बाद सेना और प्रशासन के अधिकारियों ने औपचारिक रूप से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर जमीन हस्तांतरित की।

198 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार
एयरपोर्ट के समग्र विकास के लिए 198 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत—

  • रनवे स्ट्रिप चौड़ीकरण
  • रनवे लाइटिंग
  • बाउंड्री वॉल निर्माण
  • 22 मीटर ऊंचा एटीसी टॉवर
  • आईएलएस सिस्टम और अन्य तकनीकी सुविधाएं

जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

एटीसी टॉवर और अन्य सुविधाएं भी बनेंगी
फिलहाल एयरपोर्ट का एटीसी सेंटर अस्थायी है। इसे 22 मीटर ऊंचे स्थायी टॉवर में बदला जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

प्रशासन ने दी जानकारी
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि सेना की जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब रनवे विस्तार सहित अन्य विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

यह विकास बिलासपुर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।