May 15, 2026

बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार मामला: हाईकोर्ट में सुनवाई जुलाई तक टली, 4C एयरपोर्ट पर बहस जारी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बिलासपुर हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई एक बार फिर टाल दी गई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह तक के लिए निर्धारित की है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने कोर्ट को जानकारी दी कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास कार्यों के तहत रनवे कारपेटिंग, बाउंड्री वॉल समेत अन्य निर्माण कार्य स्वीकृत हैं। अब तक एयरपोर्ट के विकास पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि नई उड़ानों के संचालन को लेकर एलायंस एयर को सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन निजी एयरलाइंस कंपनियों को फिलहाल आमंत्रित नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि कोई भी निजी एयरलाइन व्यावसायिक रूप से बिलासपुर से उड़ान शुरू करना चाहे तो उस पर कोई रोक नहीं है।

वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि जब केंद्र सरकार उड़ान योजना के तहत ओपन टेंडर जारी कर सभी एयरलाइंस को आमंत्रित कर सकती है, तो राज्य सरकार को भी इसी तरह की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में बेहतर हवाई सुविधा के लिए निजी एयरलाइंस की भागीदारी जरूरी है।

इस पर राज्य सरकार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने के लिए समय दिया है।

सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि याचिकाओं का मुख्य उद्देश्य बिलासपुर में 4C एयरपोर्ट का निर्माण है, जबकि वर्तमान में यहां 3C श्रेणी का एयरपोर्ट ही विकसित किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि 4C एयरपोर्ट के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, इसलिए सुनवाई जारी रहना जरूरी है।

हालांकि राज्य सरकार ने कहा कि जनहित याचिकाओं का उद्देश्य काफी हद तक पूरा हो चुका है और आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। इस पर याचिकाकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया।

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले अब तक की प्रगति पर विस्तृत शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाए। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में होगी, जिसमें एयरपोर्ट विस्तार को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।