बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बिलासपुर की हवाई सुविधा और एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से पेश जवाब में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा एयरपोर्ट के ऑपरेशनल मेंटेनेंस और विकास कार्यों की जिम्मेदारी AAI को सौंपने के प्रस्ताव पर सक्रियता से विचार किया जा रहा है।
AAI ने कोर्ट को बताया कि प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है। मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने AAI को सकारात्मक रुख अपनाते हुए बिना अनावश्यक देरी के निर्णय लेने का निर्देश दिया।
20 अक्टूबर तक पूरा होगा जन सुविधा भवन
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि जन सुविधा भवन के निर्माण में देरी का संज्ञान मंत्रालय और कलेक्टर दोनों स्तर पर लिया गया है। हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित नई समय सीमा के अनुसार भवन का काम 20 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने का दावा किया गया।
इसके अलावा एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल और पेरीफेरी रोड के डामरीकरण के टेंडर स्वीकृत होने के बाद कार्य आदेश भी जारी कर दिया गया है।
बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली उड़ान बंद होने का मुद्दा उठा
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने बिलासपुर से उड़ानों की संख्या में आई कमी का मुद्दा कोर्ट के सामने रखा। विशेष रूप से बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली रूट की उड़ान बंद होने का मामला उठाया गया।
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि आगामी अक्टूबर में लागू होने वाले विंटर शेड्यूल में उड़ानों की संख्या बढ़ाने को लेकर आवश्यक विचार-विमर्श किया जा रहा है। सरकार ने बिलासपुर से हवाई सेवाओं को बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही।
उड़ान योजना में सभी रूट शामिल करने की मांग
याचिकाकर्ताओं ने केंद्र सरकार की उड़ान योजना में बिलासपुर से जुड़े सभी संभावित रूट को शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजने की मांग भी रखी। मामले की अगली सुनवाई अब 29 सितंबर को होगी।





