बिलासपुर।
Bilaspur जिले में नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की नई टीम गठित की गई है। Bilaspur Police की यह विशेष टीम सीएसपी निमितेश सिंह की निगरानी में काम करेगी। टीम का प्रभारी निरीक्षक अनिल अग्रवाल को बनाया गया है।
जिले के एसएसपी Rajnesh Singh ने हेड कांस्टेबल समेत 9 आरक्षकों को टीम में शामिल किया है।
NDPS मामलों में एंड-टू-एंड एक्शन
नई गठित ANTF टीम को गांजा, नशीली दवाओं और नशे के बड़े नेटवर्क व गिरोहों के खिलाफ सूचना संकलन और प्रभावी कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। टीम एनडीपीएस मामलों में ‘एंड-टू-एंड’ कार्रवाई करेगी।
बड़े तस्करों, सप्लायरों और स्थानीय स्तर पर नशे की खेप खपाने वालों की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। इसके लिए टीम को नारकोटिक्स एक्ट के तहत आवश्यक अधिकार प्रदान किए गए हैं।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी कार्रवाई
एसएसपी रजनेश सिंह के कार्यभार संभालने के बाद जिले में नशीली दवाओं के किंगपिन सुच्चा सिंह, ट्रेनों के जरिए गांजा सप्लाई करने वाले जीआरपी जवान समेत अवैध शराब और गांजा कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
छत्तीसगढ़ में एनडीपीएस मामलों में संपत्ति जब्ती के मामले में बिलासपुर पहले स्थान पर है। अब तक 19 से अधिक आरोपियों की 8 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।
ANTF टीम में शामिल अधिकारी-कर्मचारी
एसएसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार टीम में शामिल सदस्य इस प्रकार हैं:
- टीआई अनिल अग्रवाल (प्रभारी)
- एसआई कमलेश बंजारे
- हेड कांस्टेबल देवमुन सिंह पुहूप
- आतिश पारिक
- आरक्षक अविनाश कश्यप
- अभिजीत डाहिरे
- प्रेमलाल सूर्यवंशी
- रविशंकर यादव
- निखिल राव जाधव
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए यह टीम विशेष रणनीति के तहत काम करेगी।





