July 23, 2026

बिलासपुर अपोलो अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी जांच, एयर एंबुलेंस लापरवाही मामले ने पकड़ा तूल

बिलासपुर। शहर के अपोलो अस्पताल में कथित चिकित्सा लापरवाही और एयर एंबुलेंस प्रबंधन को लेकर उठे विवाद के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। रायपुर और बिलासपुर से पहुंचे अधिकारियों की संयुक्त टीम अस्पताल पहुंची और इलाज, रेफरल प्रक्रिया, मेडिकल रिकॉर्ड तथा वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों के उपचार से जुड़े दस्तावेज, भर्ती प्रक्रिया, चिकित्सा रिकॉर्ड और अस्पताल के आय-व्यय का बारीकी से परीक्षण कर रही है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड का मिलान कर आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।

अपोलो अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग का छापा, एयर एंबुलेंस में लापरवाही मामले की जांच कर रही टीम

एयर एंबुलेंस मामले के बाद बढ़ा विवाद

मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब गंभीर मरीज राजकुमार अग्रवाल को हैदराबाद रेफर करने की प्रक्रिया में अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगे। परिजनों का आरोप है कि एयर एंबुलेंस समय पर उपलब्ध होने के बावजूद अस्पताल ने मरीज को एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम की उचित व्यवस्था नहीं की, जिससे मरीज की हालत और गंभीर हो गई।

निजी एंबुलेंस से ले जाना पड़ा मरीज

परिजनों के अनुसार, अस्पताल परिसर में एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद उन्हें निजी एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही मरीज के साथ अस्पताल की ओर से न तो कोई डॉक्टर भेजा गया और न ही प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद था। एयरपोर्ट पहुंचने पर मरीज की स्थिति बिगड़ने के बाद हैदराबाद की मेडिकल टीम ने उसे ले जाने से इनकार कर दिया और मरीज को वापस अस्पताल लाना पड़ा।

दूसरे दिन हैदराबाद भेजा गया मरीज

अस्पताल में देर रात मरीज के लिए विशेष लंग्स सपोर्ट सिस्टम और विशेषज्ञ मेडिकल टीम की आवश्यकता बताई गई। अगले दिन हैदराबाद से तीन सदस्यीय मेडिकल टीम पहुंची। मरीज की स्थिति स्थिर करने के बाद शाम को उसे दोबारा एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा गया। इस बार भी निजी एंबुलेंस का उपयोग किया गया, लेकिन मेडिकल टीम ने पहले उसकी चिकित्सा व्यवस्था की जांच के बाद ही मरीज को एयरपोर्ट ले जाने की अनुमति दी।

23 लाख रुपये तक पहुंचा इलाज का खर्च

परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में इलाज पर करीब 2.87 लाख रुपये, एयर एंबुलेंस बुकिंग पर 13 लाख रुपये, एक दिन अतिरिक्त रुकने पर करीब 2 लाख रुपये और विशेष मेडिकल टीम व उपकरणों पर लगभग 7 लाख रुपये खर्च हुए। इस तरह कुल खर्च करीब 23 लाख रुपये तक पहुंच गया।

कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

पूर्व मेयर एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला की मौत के बाद अस्पताल पर पहले से उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।