बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोयला हेराफेरी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन के लिए दीपका कोल माइंस से भेजे गए उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की जगह मिलावटी कोयला पहुंचाने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर सकरी पुलिस ने कोलडिपो संचालक, सुपरवाइजर, ट्रक मालिक और चालकों समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कारखाना प्रबंधक आर.के. पाण्डेय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 जून को दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन के लिए भेजा गया था। 10 जून की सुबह तीन ट्रकों से पहुंचे कोयले की गुणवत्ता जांच के दौरान संदेह हुआ। लैब परीक्षण में पाया गया कि ट्रकों में लाया गया कोयला निर्धारित एफ/जी ग्रेड का नहीं था।
जांच और पूछताछ में सामने आया कि ट्रक चालक रास्ते में रतनपुर-गतौरी स्थित एक कोलडिपो पहुंचे, जहां कथित रूप से कोलडिपो संचालक और सुपरवाइजर की मिलीभगत से असली कोयला निकालकर बेच दिया गया और उसकी जगह कम गुणवत्ता वाला मिलावटी कोयला भर दिया गया। इस हेराफेरी से कंपनी को 25 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है।
पुलिस ने मामले में कोलडिपो संचालक दिलीप कुमार, सुपरवाइजर गौरव सिंह, अमित कुमार, ट्रक संचालक रजाक अंसारी और ट्रक चालकों उज्जैन अंसारी, आशिक हुसैन तथा फजल अंसारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
सकरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झारखंड और छत्तीसगढ़ के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आशिक हुसैन अंसारी, फैजान रजा अंसारी, फुजैल अंसारी, गौरव राजपूत, सीबु खान और दिलीप कुमार यादव शामिल हैं। वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों, जिनमें कुछ ट्रक मालिक और अन्य सहयोगी शामिल बताए जा रहे हैं, की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है और हेराफेरी में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। इधर, कारखाना प्रबंधन ने मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों का आभार जताया है।





