March 3, 2026

डीजीपी अरुण देव गौतम ने ली समीक्षा बैठक, राजकिशोर नगर लूटकांड में त्वरित कार्रवाई पर सराहना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

बिलासपुर। बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे प्रदेश के डीजीपी अरुण देव गौतम ने आईजी रेंज कार्यालय स्थित सभागार में जिले के पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने हाल ही में राजकिशोर नगर में हुए लूटकांड का विस्तृत जायजा लिया और 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शत-प्रतिशत माल बरामदगी पर बिलासपुर पुलिस की सराहना की।

आईजी कार्यालय में हुआ स्वागत

आईजी कार्यालय पहुंचने पर डीजीपी का स्वागत रामगोपाल गर्ग ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। बैठक की शुरुआत अधिकारियों के परिचय से हुई। इसके बाद डीजीपी ने सीधे कानून-व्यवस्था और हालिया आपराधिक मामलों की समीक्षा शुरू की।

राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसायी के साथ हुई लूट की घटना पर विस्तृत चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि कम समय में अपराधियों की गिरफ्तारी और माल की पूर्ण रिकवरी पुलिस की सजगता और बेहतर अंतर्राज्यीय समन्वय का परिणाम है। उन्होंने इस तरह की प्रोफेशनल पुलिसिंग को आगे भी बनाए रखने पर जोर दिया।

भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश

डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित चेकिंग, होटल-लॉज की जांच और आसूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने सर्राफा बाजार, बैंक और अन्य संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की समीक्षा तथा सुरक्षा उपायों को अपडेट रखने के निर्देश भी दिए।

थानों की कार्यप्रणाली सुधारने पर जोर

डीजीपी गौतम ने राजपत्रित अधिकारियों को थानों का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जाए। थाना प्रभारी स्वयं रिपोर्ट सुनें और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर निगरानी रखें।

नाकाबंदी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की गंभीरता से जांच करने तथा जांच की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया गया।

ई-चालान और ई-साक्ष्य पर विशेष चर्चा

बैठक में अभियोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय को विवेचना की गुणवत्ता सुधारने और ICJS सिस्टम के तहत ई-चालान व ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। न्यायालय और थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मामलों के शीघ्र निराकरण पर बल दिया गया।

फायर सेफ्टी और ऑडिट की समीक्षा

बैठक में होमगार्ड डीआईजी लक्ष्मी चंद्रा वर्मा तथा अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। डीजीपी ने जिले में फायर सेफ्टी और फायर ऑडिट की स्थिति की समीक्षा की। सिरगिट्टी और मोपका में हुए हालिया अग्निकांडों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए पूर्व तैयारी की जा सके।

रेंज स्तर पर मॉनिटरिंग के निर्देश

डीजीपी ने आईजी रामगोपाल गर्ग को रेंज के सभी जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए।

बैठक के दौरान डीजीपी ने अपने अनुभव साझा करते हुए पुलिसिंग की बारीकियों और पेशेवर दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में आईजी बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, नगर सेना उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय, संभागीय सेनानी नगर सेना नरसिंह नेताम, एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, एडिशनल एसपी शहर पंकज पटेल, एडिशनल एसपी विशेष शाखा दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी दीपांकर नाथ, उप पुलिस अधीक्षक अंगुल चिह्न विद्या जौहर सहित जिले के पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक को कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।