बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के सिविल जिलों के लिए पोर्टफोलियो जजों की नई जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। चीफ जस्टिस के आदेश से जारी नई सूची के मुताबिक विभिन्न न्यायमूर्तियों को अलग-अलग जिलों का प्रशासनिक दायित्व सौंपा गया है। नई व्यवस्था आज से प्रभावी होगी।
इसके साथ ही राज्य शासन ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग में भी महत्वपूर्ण पदस्थापन किए हैं। हाईकोर्ट रजिस्ट्री के प्रशासनिक कामकाज में भी बदलाव किया गया है।
मानव अधिकार आयोग में नई पदस्थापना
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के संयुक्त सचिव एवं उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी मनीष कुमार ठाकुर की सेवाएं विधि एवं विधायी कार्य विभाग को सौंपी गई हैं।
वहीं मुंगेली की प्रथम सिविल जज (सीनियर डिवीजन एवं CJM) जसविंदर कौर अजमानी मलिक को छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग, रायपुर में उप सचिव के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है।
किस न्यायमूर्ति को किन जिलों की जिम्मेदारी?
- जस्टिस संजय के. अग्रवाल — कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर
- जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू — सरगुजा, कोरिया, धमतरी और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा)
- जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास — राजनांदगांव और बेमेतरा
- जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी — दुर्ग और बालोद
- जस्टिस सचिन सिंह राजपूत — रायगढ़ और महासमुंद
- जस्टिस राकेश मोहन पांडेय — बलौदाबाजार और बस्तर (जगदलपुर)
- जस्टिस संजय कुमार जायसवाल — कोंडागांव और मुंगेली
- जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल — बिलासपुर और उत्तर बस्तर (कांकेर)
- जस्टिस विभु दत्ता गुरु — रायपुर और कबीरधाम
- जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद — जशपुर
हाईकोर्ट रजिस्ट्री में भी बदलाव
स्थापना में OSD के रूप में पदस्थ निम्न न्यायिक सेवा के अधिकारी रवि कुमार कश्यप को हाईकोर्ट रजिस्ट्री का अपर रजिस्ट्रार बनाया गया है। उन्हें प्रशासनिक कार्यों में सहायता करने का दायित्व भी सौंपा गया है।
नई व्यवस्था के तहत न्यायमूर्तियों को जिलों का प्रशासनिक दायित्व मिलने से संबंधित जिलों के न्यायिक प्रशासन की निगरानी और समन्वय को और व्यवस्थित करने की दिशा में बदलाव किया गया है।





