May 16, 2026

जर्जर सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त: PWD इंजीनियर से मांगा जवाब, पूछा—कब बनेगी नेहरू चौक से पेंड्रीडीह सड़क?

बिलासपुर। शहर और आसपास की जर्जर सड़कों को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। डिवीजन बेंच ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (ईई) को शपथपत्र के जरिए जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने खास तौर पर नेहरू चौक से पेंड्रीडीह (रायपुर रोड) तक सड़क निर्माण की समय-सीमा पर सवाल उठाया है।

कोर्ट ने मांगा स्पष्ट जवाब

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि लंबे समय से खराब पड़ी इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण आखिर कब तक पूरा किया जाएगा।

शासन की ओर से बताया गया कि एनआईटी रायपुर की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है और मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

गड्ढों से बदहाल नेशनल हाईवे

पिछली सुनवाई में कोर्ट कमिश्नर ने रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कई सड़कों की बदहाल स्थिति का जिक्र किया गया।

एनएच-343 (बलरामपुर-रामानुजगंज रोड) की हालत बेहद खराब बताई गई, जहां दो-दो फीट गहरे गड्ढों के कारण भारी वाहन फंस रहे हैं और हादसों का खतरा बना हुआ है।

कई जिलों में ब्लैक स्पॉट

रिपोर्ट के अनुसार, रायगढ़ में 9, बिलासपुर में 2, मुंगेली में 4 और बलौदाबाजार-भाटापारा में 4 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं।

शहर के भीतर भी नए पुल से नेहरू चौक, दयालबंद, गांधी चौक से सीएमडी मार्ग तक कई सड़कें खराब स्थिति में हैं।

कोल वॉशरी से बढ़ रहा खतरा

रायगढ़ जिले के कुनकुरी क्षेत्र में कोल वॉशरी की वजह से सड़कों पर काली धूल फैल रही है, जिससे सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

कंपनियों पर भी सख्ती

सिरगिट्टी क्षेत्र में औद्योगिक कंपनियों की भारी गाड़ियों के कारण सड़कें खराब होने का मामला भी कोर्ट के सामने आया।

दाधापारा तक करीब 3 किलोमीटर सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस पर जिला प्रशासन ने बताया कि छत्तीसगढ़ कोल पावर बेनिफिशरी और मेसर्स अमित कोल लाइंस ने 25 लाख रुपए खर्च कर सड़क सुधार और रखरखाव की जिम्मेदारी ली है।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि सड़कों की खराब स्थिति और लापरवाही के कारण हो रहे हादसे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

कोर्ट ने संबंधित विभागों और कंपनियों को जवाबदेही तय करते हुए शपथपत्र में पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।