March 3, 2026

5वीं-8वीं की परीक्षा अब स्कूल शिक्षा विभाग कराएगा, हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों की याचिका खारिज की

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए प्रदेश के निजी हिंदी व अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा आयोजित करने का अधिकार स्कूल शिक्षा विभाग को दे दिया है।

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

इस निर्णय के बाद प्रदेश में सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त लगभग 6200 निजी हिंदी एवं इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अब 5वीं और 8वीं की परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जाएगी।

फर्जी सीबीएसई स्कूलों को झटका

हाईकोर्ट के फैसले को बिना मान्यता या संदिग्ध तरीके से संचालित कथित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े स्कूलों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि लंबे समय से कुछ स्कूल खुद को सीबीएसई से संबद्ध बताकर प्रवेश ले रहे थे, जबकि उनके पास वैध मान्यता या शासन की अनुमति नहीं थी। अब सरकारी स्तर पर परीक्षा आयोजन से ऐसे संस्थानों की वास्तविक स्थिति सामने आने की संभावना है।

पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर

मामले की सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने शैक्षणिक गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि फर्जी स्कूलों के कारण विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है और शासन को सख्त नियंत्रण की आवश्यकता है।

कोर्ट के आदेश के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग पर परीक्षा आयोजन, मूल्यांकन और निगरानी की सीधी जिम्मेदारी होगी। इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने और स्कूलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।