July 29, 2026

हाईकोर्ट ने हसदेव नदी की रेत खदान का टेंडर किया रद्द, फाइनल DSR रिपोर्ट बिना नीलामी पर लगाई रोक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जांजगीर-चांपा जिले की हसदेव नदी में प्रस्तावित रेत खदान के टेंडर को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बिना अंतिम जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के रेत खदानों की नीलामी नहीं की जा सकती।

ग्राम पंचायत ने दी थी चुनौती

मामला जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत हथनेवरा से जुड़ा है। प्रशासन ने रेत खनन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी, जिसे ग्राम पंचायत ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। पंचायत का आरोप था कि टेंडर पांच साल पुरानी जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया, जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी।

ड्राफ्ट रिपोर्ट के आधार पर जारी हुआ था टेंडर

याचिका में कहा गया कि जिले में कोई नई और स्वीकृत DSR रिपोर्ट मौजूद नहीं थी। इसके बावजूद 30 मार्च को रेत खदान की नीलामी के लिए टेंडर जारी कर सफल बोलीदाता का चयन भी कर लिया गया था।

हाईकोर्ट ने बताई प्रक्रिया

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि केवल ड्राफ्ट रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड करना पर्याप्त नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट पर जनता से आपत्तियां आमंत्रित करना, उसके बाद कलेक्टर की मंजूरी लेना जरूरी है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही उसे अंतिम जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट माना जाएगा।

सरकार ने राजस्व नुकसान का दिया तर्क

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि वर्ष 2025 की नई रिपोर्ट तैयार कर 27 नवंबर 2025 को ऑनलाइन अपलोड की गई थी और टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। सरकार ने कहा कि टेंडर रद्द होने से राजस्व का नुकसान होगा।

कोर्ट ने टेंडर किया निरस्त

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि सरकार जिस रिपोर्ट का हवाला दे रही थी, वह केवल ड्राफ्ट रिपोर्ट थी और उसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी।

इसके बाद कोर्ट ने रेत खदान का टेंडर रद्द कर दिया। हालांकि राज्य सरकार को नियमों के तहत नई और स्वीकृत DSR रिपोर्ट तैयार कर दोबारा टेंडर जारी करने की अनुमति दी गई है।