मद्रासी रेस्टोरेंट में मिली गंदगी और कई खामियां, लाइसेंस निलंबित
बिलासपुर। पुराना हाईकोर्ट रोड स्थित मद्रासी रेस्टोरेंट में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान रेस्टोरेंट की रसोई में साफ-सफाई की गंभीर खामियां मिलीं। इसके बाद विभाग ने रेस्टोरेंट का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और संस्थान को सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के निर्देश पर टीम ने रेस्टोरेंट की जांच की। इस दौरान रसोई में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक ही फ्रीजर में रखा गया था। कर्मचारियों द्वारा ग्लव्स का इस्तेमाल भी नहीं किया जा रहा था।
जांच के दौरान पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था नहीं होने के कारण रेस्टोरेंट में कीड़े-मकोड़े भी पाए गए। फ्रीजर की सफाई नहीं होने और अस्वच्छ परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों ने लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही संस्थान में ताला लगाकर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रवण सूर्यवंशी की मौत मामले में CBI जांच शुरू
बिलासपुर। कथित शराब बिक्री के आरोप में सीपत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए श्रवण सूर्यवंशी की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को चार सदस्यीय CBI टीम बिलासपुर पहुंची और सिविल लाइन थाने में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से घंटों पूछताछ की।
टीम ने मामले से संबंधित मर्ग डायरी और अन्य दस्तावेजों का भी अवलोकन किया। श्रवण को सीपत पुलिस ने कथित रूप से शराब बेचने के आरोप में 18 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे बिलासपुर केंद्रीय जेल भेज दिया गया। 21 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 22 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बाद में हुई न्यायिक जांच में उसकी मौत को लेकर गंभीर तथ्य सामने आए। मजिस्ट्रेटी जांच में हिरासत के दौरान सिर में लगी गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया। जांच में हिरासत में प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की भी पुष्टि होने की बात सामने आई।
मामले में लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने पर मृतक के परिजनों ने हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने पुलिस की लापरवाही मानते हुए पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया और जांच CBI को सौंप दी। कोर्ट ने CBI को अगली सुनवाई 13 अक्टूबर से पहले विस्तृत जांच रिपोर्ट सीधे अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
CBI टीम अब पुलिस हिरासत से लेकर अस्पताल में श्रवण की मौत तक पूरे घटनाक्रम की कड़ियों की जांच करेगी। टीम के केंद्रीय जेल और सीपत थाने पहुंचकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ करने की भी संभावना है।
स्वतंत्रता दिवस पर महिलाओं के हुनर ने बिखेरा देशभक्ति का रंग
कोरबा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कलेक्ट्रेट परिसर में जय माता दी स्व-सहायता समूह का स्टॉल महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहा है। तिरंगे की थीम पर सजाए गए इस स्टॉल में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए आकर्षक उत्पाद लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
रजगामार की 13 महिलाओं से जुड़ा जय माता दी स्व-सहायता समूह वर्ष 2019 से महिलाओं को अपने हुनर को आजीविका में बदलने का अवसर दे रहा है। समूह से जुड़ी कीर्ति प्रजापति और अन्य महिलाएं विभिन्न रचनात्मक उत्पाद तैयार कर उन्हें स्टॉल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाती हैं।
स्वतंत्रता दिवस के लिए स्टॉल को खास तौर पर देशभक्ति की थीम में सजाया गया है। यहां कॉफी मग, टी-शर्ट, मैजिक मिरर, मैजिक मग और तिरंगा थीम वाले कई उत्पाद उपलब्ध हैं। महिलाओं ने रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को देशभक्ति के रंग में ढालकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत भी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने समूह की महिलाओं से बातचीत कर उनके उत्पादों और काम की जानकारी ली। कलेक्टर ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया और स्टॉल से उत्पादों की खरीदारी भी की।
समूह की महिलाओं का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने हुनर को निखारने और नई चीजें सीखने का अवसर मिला। महिलाएं मिलकर उत्पाद तैयार करती हैं और उन्हें बाजार तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। उनके लिए यह स्टॉल सिर्फ बिक्री का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मंच भी है।
रात में हाथियों का उत्पात, चार ग्रामीणों के मकान क्षतिग्रस्त
कोरबा। कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। रात के समय हाथियों के झुंड ने ढुरकीडांड गांव में तीन ग्रामीणों के मकानों को नुकसान पहुंचाया। वहीं केंदई रेंज के लमना गांव में एक हाथी ने ग्रामीण के घर को ढहा दिया। अलग-अलग इलाकों में मकान तोड़े जाने की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार जटगा परिसर में मौजूद हाथियों का दल आधी रात मेढ़उड़ पहाड़ से नीचे उतरकर ढुरकीडांड गांव पहुंच गया। गांव में घुसने के बाद हाथियों ने वेदप्रसाद, बुद्ध सिंह और राजू के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों की अचानक मौजूदगी से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने आसपास के लोगों को आवाज देकर बुलाया और सामूहिक रूप से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम सुबह गांव पहुंची और क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लेकर नुकसान का आकलन शुरू किया। ग्रामीणों ने हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
उधर केंदई रेंज के परला सर्किल स्थित लमना गांव में एक लोनर हाथी ने ग्रामीण के घर को निशाना बनाकर उसे ढहा दिया। बताया जा रहा है कि यह हाथी पिछले कुछ समय से ऐतमानगर रेंज के कठमोरगा और बुका क्षेत्र में उत्पात मचा रहा था। इसके बाद उसने अपना रुख बदलकर केंदई रेंज का रुख किया।
वहीं कोरबा वनमंडल के कुदमुरा क्षेत्र में भी दो हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। दोनों हाथी पिछले दो दिनों से बास बाड़ी के जामनारा जंगल में मौजूद बताए जा रहे हैं और बांस के करील को खा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की हिदायत दी गई है।





