September 4, 2026

महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, बिल्हा में 11 शिक्षक-बाबू अपात्र होकर ले रहे थे लाभ; ₹1.24 लाख की होगी वसूली

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में नियमों को ताक पर रखकर लाभ लेने का मामला सामने आया है। बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में 11 शिक्षक और बाबू ऐसे मिले हैं, जिनके परिवार योजना के लिए अपात्र होने के बावजूद इसका लाभ उठा रहे थे। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है और संबंधित हितग्राहियों से 1 लाख 24 हजार रुपए की वसूली के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी कर्मचारी के परिवार ले रहे थे योजना का लाभ

महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के नियमों के मुताबिक शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के परिवार पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद बिल्हा ब्लॉक के शिक्षा विभाग में पदस्थ कुछ शिक्षकों और बाबुओं के परिवारों द्वारा योजना का लाभ लिया जा रहा था।

एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिल्हा की जांच में 11 अपात्र हितग्राहियों के नाम सामने आए। इनमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिनके पति या स्वयं शासकीय सेवा में शिक्षक, सहायक शिक्षक अथवा अन्य पदों पर कार्यरत हैं।

11 अपात्र हितग्राहियों की हुई पहचान

जांच में रत्ना क्षत्री, गंगा बाई, रमा वर्मा, दिनेश्वरी कुर्रे, कुसुम यादव, गोदावरी कौशिक, रामेश्वरी साहू, कीर्ति पाटले, सविता कुर्रे, अमर ज्योति शांडिल्य और लक्ष्मी के नाम सामने आए हैं। इन सभी के खातों में योजना के तहत नियम विरुद्ध राशि पहुंचने की बात सामने आई है।

₹1.24 लाख की राशि होगी रिकवर

महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपात्र हितग्राहियों की जानकारी बिल्हा बीईओ को भेजी है। जांच में सामने आया कि इन हितग्राहियों को कुल 1,24,000 रुपए की राशि महतारी वंदन योजना के तहत दी गई है। अब इस राशि की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

राशि जमा नहीं की तो वेतन से होगी वसूली

बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में शासकीय शिक्षक और बाबू के परिवारों द्वारा महतारी वंदन योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आई है। संबंधित लोगों से राशि जमा कराने के लिए वसूली आदेश जारी किया गया है। यदि तय समय में राशि जमा नहीं की गई तो वेतन से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।