March 4, 2026

Bilaspur News: हाथ में खाली अस्थि कलश लेकर थाने पहुंचे मासूम भाई-बहन, पिता की अस्थियां चोरी होने की लगाई गुहार

बिलासपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना उस वक्त भावुक माहौल में बदल गया, जब 10 वर्षीय बालक अपनी 7 साल की बहन के साथ हाथ में खाली अस्थि कलश लेकर थानेदार के पास पहुंच गया। बच्चों की आंखों में आंसू और हाथ में कलश देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। दोनों मासूमों ने अपने पिता की अस्थियां चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई और उन्हें वापस दिलाने की गुहार लगाई।


🏠 क्या है पूरा मामला?

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भारतीय नगर निवासी ठाकरे परिवार का है। मृतक आलोक ठाकरे पेशे से ठेकेदार थे। परिजनों के अनुसार, आलोक की बहन उनकी पत्नी को भड़काकर साथ ले गई थी। पत्नी के चले जाने के बाद आलोक ने उसे वापस लाने के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। कोर्ट ने पुलिस को पत्नी को पेश करने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह नहीं मिल सकी।

इसी तनाव के बीच पत्नी के वियोग में आलोक बीमार पड़े और कुछ दिन पहले उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार भारतीय नगर मुक्तिधाम में किया गया था।


📹 अस्थियां ले जाने का CCTV फुटेज आया सामने

परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार के बाद आलोक की पत्नी घर पहुंची और विवाद के बाद सीधे मुक्तिधाम गई, जहां से उसने अस्थियों को पन्नी में भरकर ले लिया। इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

इसके बाद दोनों मासूम बच्चों ने अपने पिता की अस्थियों की चोरी होने की रिपोर्ट लिखाने के लिए खुद थाने का रुख किया।


👮‍♂️ पुलिस क्या कह रही है?

सिविल लाइन थाना प्रभारी एस.आर. साहू ने बताया कि मृतक की पत्नी बाहर रहती थी और मृत्यु के दिन आई थी। अस्थि विसर्जन को लेकर पत्नी और बच्चों के बीच विवाद हुआ था।

उन्होंने कहा कि

  • बच्चों की ओर से आवेदन मिला है।
  • मां की ओर से भी आवेदन आया है कि वह बच्चों को अपने साथ ले जाना चाहती है।
  • अस्थियां चोरी हुई हैं या नहीं, इसकी जांच की जा रही है

फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आवेदनों पर जांच कर रही है।


🧒 मासूमों की गुहार ने सबको किया भावुक

थाने में खाली कलश लेकर पहुंचे मासूमों की तस्वीर ने हर किसी को भावुक कर दिया। लोग कह रहे हैं कि पिता के जाने के बाद बच्चों पर यह दूसरा बड़ा आघात है।