बिलासपुर। कारगी रोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी डिरेलमेंट मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। वहीं मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
13 जुलाई को हुआ था हादसा
यह घटना 13 जुलाई को दोपहर करीब 2:20 बजे कारगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 स्थित लाइन नंबर-3 पर हुई थी। मालगाड़ी के कई वैगन पटरी से उतर गए थे। हालांकि, इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटनास्थल पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों को मालगाड़ी के डिब्बों के नीचे जेसीबी मशीन का बकेट फंसा मिला, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
मालगाड़ी देखकर ट्रैक पर छोड़ भागे मजदूर
जांच में सामने आया कि जेसीबी का भारी बकेट प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर उतारने के बाद 5-6 मजदूर उसे प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान मालगाड़ी आती देख मजदूर घबराकर बकेट को रेलवे ट्रैक पर ही छोड़कर भाग गए। ट्रैक पर पड़ा बकेट मालगाड़ी से टकरा गया, जिससे उसके तीन वैगन पटरी से उतर गए।
10 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य ठेकेदार फरार
आरपीएफ ने मामले में कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना (25), नरहर सिंह उर्फ पिंटू (35), देवा सिंह (38), बुद्धू सिंह (49), छत्रपति मरावी (32), लोकेश मांडवी (19), अनुराग मरावी (31), अभिषेक यादव (21), जेसीबी बकेट मंगवाने वाले मोहम्मद शमीर (24) और कोच अटेंडेंट अमित यादव (23) को गिरफ्तार किया है।
वहीं, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अभी फरार है। आरपीएफ उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बिलासपुर से इंदौर तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों की सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।





